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आठ सीटों पर 65 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद, सपा-भाजपा में कांटे की टक्कर

Thu, 24 Feb 2022 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:03 AM IST
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The fate of 65 candidates in eight seats is locked in EVMs, a close contest between SP-BJP
लखीमपुर खीरी के प्राथमिक विद्यालय, सदर में बने मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए लगी लंबी कतार।
ध्रुवीकरण की छाया में हर क्षेत्र में दिखे अलग समीकरण, सदर में बसपा की मजबूती से मुकाबला त्रिकोणीय बना
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लखीमपुर खीरी। चौथे चरण में बुधवार को जिले में आठ विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में 65 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। लगभग सभी सीटों पर भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर दिखी। सदर विधानसभा क्षेत्र में बसपा ने लड़ाई का रंग बदलने की कोशिश की। उसके सपा-भाजपा को मजबूती से टकराने के कारण यहां मुकाबला रोमांचक हो गया है।
चुनाव में किसी पार्टी के पक्ष में लहर न होने के बावजूद मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। चुनाव प्रचार के दौरान ही नड्डा समेत अन्य बड़े नेताओं ने जिले में सभाएं कर सपा को दंगाइयों और माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। वहीं, अखिलेश यादव ने तिकुनिया हिंसा और पिछड़े व मुस्लिम वर्ग के अपमान की बात उठाई थी। इसका असर भी मतदान पर खूब दिखा। यही नहीं, सभी आठों सीटों पर मतदान में ध्रुवीकरण का साफ असर दिखा। ज्यादातर जगहों पर बहुसंख्यक वोट भी एकजुट नजर आए। कहीं योगी-मोदी के नाम पर वोट पड़े तो कहीं जातीय समीकरण पर। कहीं हिंदुत्व के नाम पर वोटिंग हुई, तो विरोधी पक्ष ने इसके खिलाफ लामबंद रहा। कई जगह मतदाताओं ने स्थानीय उम्मीदवार को पसंद न करने के बावजूद अपनी पसंद की होने कारण उसी पार्टी को वोट दिया। ख़ास बात यह रही कि इस बार के चुनाव में मुस्लिम वोटों का बंटवारा नहीं दिखा। इनमें से ज्यादातर लोगों ने सपा के पक्ष में वोट करने की बात कही। इससे बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच ही दिखा।
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पलिया में भाजपा-सपा के बीच रहा सीधा मुकाबला
पलिया में भाजपा के पक्ष में माहौल तो दिखा, लेकिन डगर आसान नहीं है। थारु समुदाय के लोग जहां स्थानीय मुद्दों पर मुखर दिखे, तो वहीं दो-दो मुस्लिम प्रत्याशी होने के बावजूद सपा के पक्ष में मुस्लिम वोट पड़ते दिखे, जबकि, तिकुनिया हिंसा के असर की वजह से सिखों ने खामोशी से मतदान किया। सिख बहुल पलिया विधानसभा क्षेत्र में तिकुनिया हिंसा मामले का खास असर नहीं दिखाई दिया। उधर, बसपा अपने कैडर वोट भी हासिल नहीं कर पाई। संवाद
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सदर विधानसभा में सपा-भाजपा की लड़ाई में बसपा ने दी कड़ी टक्कर
सदर विधान सभा में जहां सपा और भाजपा की लड़ाई दिखी, वहीं बसपा ने जातीय समीकरणों के आधार पर सपा और भाजपा दोनों का नुकसान किया। दो-दो कुर्मी उम्मीदवार होने की वजह से जहां एक पिछड़ा वर्ग भाजपा की ओर जाता दिखाई दिया, वहीं ब्राह्मण वर्ग के बसपा प्रत्याशी ने वोट काटे। वहीं, मुस्लिम वर्ग ने यहां भी सपा के पक्ष में वोट किया।
धौरहरा में भी दिखी कांटे की टक्कर
धौरहरा में भी जहां मुस्लिम वर्ग ने सपा के पक्ष में खुलकर मतदान किया, वहीं ब्राह्मण वर्ग से दो-दो प्रत्याशी होने की वजह से ब्राह्मण वर्ग के वोटों का भी बंटवारा हुआ। राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों के चयन में जातीय समीकरण साधे जहां, सपा और भाजपा में सीधा सीधा मुकाबला दिखा।
निघासन में सिख मतदाता भाजपा के खिलाफ
निघासन को छोड़ दें तो तिकुनिया हिंसा का खास असर अन्य विधानसभा सीटों पर देखने को नहीं मिला। बसपा से मुस्लिम प्रत्याशी होने के बावजूद मुस्लिम वर्ग भाजपा से टक्कर ले रही सपा के पक्ष में मतदान किया, जबकि तिकुनिया हिंसा से नाराज सिख भी सपा की ओर मुड़े, जबकि पिछड़ा समेत अन्य वर्ग का वोट भाजपा के खाते में जाता दिखाई दिया।
मोहम्मदी में भी सपा-भाजपा की लड़ाई
मोहम्मदी में भी मुस्लिम सपा प्रत्याशी की वजह से भाजपा प्रत्याशी को भी कड़ी टक्कर मिल रही है। सीधा सीधा मुकाबला सपा और भाजपा में है। ध्रुवीकरण की स्थिति यहां भी दिखी। हालांकि अमित शाह और योगी की सभा में यहां काफी भीड़ रही थी, लेकिन टक्कर नाक की है।
कस्ता (सु) सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक
सुरक्षित सीट होने के बावजूद इस विधानसभा क्षेत्र में भी मुस्लिम मतदाता निर्णायक रहा। भाजपा को जहां दलित समेत अन्य वर्गों का वोट मिला तो मुस्लिम वोट सपा के पक्ष में रहा।
श्रीनगर (सु) सीट पर सपा-भाजपा की टक्कर
सुरक्षित विधानसभा सीट श्रीनगर में बसपा का मुस्लिम प्रत्याशी होने के बावजूद ज्यादातर वोट सपा के पक्ष में गया, जबकि दलित समेत अन्य पिछड़ा वर्ग भाजपा के खाते में गया।

गोला में भी सपा-भाजपा की लड़ाई
गोला में भी मतदान जातीय ध्रुवीकरण पर आकर टिका। यहां ब्राह्मण, कुर्मी, दलित वोट बटता नजर आया वहीं मुस्लिम मतदाताओं ने एकजुटता दिखाई। जातीय ध्रुवीकरण में फंसे चुनाव में संघर्ष सपा और भाजपा के बीच दिख रहा है।
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