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Lakhimpur Kheri News: शारदा के कटान से करसौर गांव का अस्तित्व खतरे में
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करसौर में मकान को नीचे से काटती शारदानदी। स्रोत संवाद
- फोटो : संवाद
बिजुआ। शारदा नदी के कटान से स्थिति गंभीर होती जा रही है। बीते साल करसौर ग्राम पंचायत के नयापुरवा और चकपुरवा गांव पूरी तरह नदी में समा गए थे अब करसौर गांव भी खतरे में है। करसौर में अब तक इस साल कई मकान नदी में समा चुके हैं। कई एकड़ फसल सहित कृषि योग्य भूमि भी नदी की भेंट चढ़ चुकी है। आधा दर्जन से अधिक घरों के किनारे नदी पहुंच गई है। इन घरों के भी नदी में समा जाने का खतरा है।
नयापुरवा और चकपुरवा के विस्थापित लोग बांधों पर झोंपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर साल केवल निरीक्षण करता है और रिपोर्ट बनाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। सांसद जब कुछ पूर्व विधायकों के साथ शारदा नदी का निरीक्षण करने पहुंचे तो गोला तहसील प्रशासन ने औपचारिकता भर की। उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते कटान रोकने के उपाय किए जाते तो उनके घर और फसलें बच सकती थीं।
प्रशासन की उदासीनता के कारण हजारों की आबादी बाढ़ और कटान से प्रभावित है। कई लोग पलायन करने को मजबूर हैं। नदी की कटान लगातार जारी है। इससे और अधिक कृषि भूमि व मकान के नुकसान की आशंका है।
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नयापुरवा और चकपुरवा के विस्थापित लोग बांधों पर झोंपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर साल केवल निरीक्षण करता है और रिपोर्ट बनाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। सांसद जब कुछ पूर्व विधायकों के साथ शारदा नदी का निरीक्षण करने पहुंचे तो गोला तहसील प्रशासन ने औपचारिकता भर की। उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते कटान रोकने के उपाय किए जाते तो उनके घर और फसलें बच सकती थीं।
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प्रशासन की उदासीनता के कारण हजारों की आबादी बाढ़ और कटान से प्रभावित है। कई लोग पलायन करने को मजबूर हैं। नदी की कटान लगातार जारी है। इससे और अधिक कृषि भूमि व मकान के नुकसान की आशंका है।
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