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Lakhimpur Kheri News: नहीं सुधर रहीं बॉर्डर की जर्जर सड़कें, भेजे गए प्रस्ताव शासन स्तर पर रुके

Mon, 30 Jan 2023 11:09 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jan 2023 11:09 PM IST
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The dilapidated roads of the border are not improving, the proposals sent stopped at the government level
डिगनिया तिराहे से चंदनचौकी का जर्जर मार्ग।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तीन ने 2022 में भेजे थे पांच मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव
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लखीमपुर खीरी। नेपाल बॉर्डर पर सड़कों का जाल बिछाने के लिए पीडब्ल्यूडी में बनाए गए इंडो-नेपाल खंड को बंद कर दिया गया है। इसके बाद से बॉर्डर की सड़कों की हालत बिगड़ने लगी है। अब पीडब्लूडी के निर्माण खंड तीन के पास फिर से जिम्मेदारी आ गई है। 2022 में पांच सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी मुख्यालय लखनऊ भेजे जा चुके हैं, जिन्हें शासन से स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
भारत और नेपाल के बीच करीब 116 किलोमीटर लंबी सीमा जनपद से मिलती है और बॉर्डर एरिया पर ही दुधवा नेशनल पार्क समेत काफी बड़े भूभाग में जंगल है। इससे इस एरिया में सड़कों का जाल बिछाने के लिए कुछ वर्ष पहले सरकार ने पीडब्ल्यूडी में इंडो-नेपाल खंड का गठन किया था, जिसने शुरुआत में कुछ सड़कों पर आधा अधूरा काम भी कराया। फॉरेस्ट की एनओसी मिलने में दिक्कतों के चलते कई सड़कों का चौड़ीकरण नहीं कराया जा सका। इस कारण यह खंड बंद कर दिया गया।
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सड़कों का विकास न होने से बॉर्डर एरिया की निगरानी में तैनात एसएसबी को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जंगल एरिया में रहने वाली थारू जनजाति को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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अब राहत की खबर यह है कि नेपाल सीमा पर जर्जर हो चुकी सड़कों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए निर्माण खंड तीन ने पांच सड़कों के स्टीमेट सहित प्रस्ताव मुख्य अभियंता के पास भेजे थे, जहां से उन्हें स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा गया है। अब शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद ही बॉर्डर एरिया की पांच सड़कों के चौड़ीकरण का काम प्रारंभ हो सकेगा।
प्रस्ताव एक
डिगनिया तिराहे से गौरीफंटा मार्ग का प्रस्ताव शासन में अटका
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तीन ने डिगनिया तिराहे से गौरीफंटा तक करीब 6.43 किलोमीटर लंबाई में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य कराने के लिए स्टीमेट सहित प्रस्ताव पिछले वर्ष मुख्य अभियंता के पास भेजा गया था। वहां से अनुमोदन के बाद आठ दिसंबर 2022 को प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जा चुका है। यह राज्य मार्ग लखीमपुर-बिजुआ-भीरा-पलिया-दुधवा-गौरीफंटा को भी जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 92.03 किलोमीटर है, जिसमें से 6.43 किलोमीटर का हिस्सा जर्जर है। इसके चौड़ीकरण कार्य पर करीब 2233.86 लाख रुपये लागत अनुमानित है। इस मार्ग की उपयोगिता यह है कि नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा को जोड़ता है और इसी मार्ग पर सशस्त्र सीमा बल की कई चौकियां स्थित हैं।
प्रस्ताव दो
डिगनिया से चंदनचौकी मार्ग पर 5.57 किलोमीटर होगा सड़क का चौड़ीकरण
डिगनिया तिराहे से चंदनचौकी तक करीब 5.57 किलोमीटर लंबाई में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य कराने के लिए स्टीमेट समेत प्रस्ताव पिछले वर्ष 2022 में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय लखनऊ भेजा जा चुका है। मुख्य अभियंता द्वारा अनुमोदन के बाद प्रस्ताव को 30 दिसंबर 2022 को शासन के पास भेजा जा चुका है, जहां से स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। यह मार्ग भी जर्जर हो चुका है। इसकी उपयोगिता यह है कि नेपाल बार्डर पर स्थित चंदनचौकी व अन्य जनजाति बाहुल्य गांवों और एसएसबी की कई चौकियों तक जवानों के आने का प्रमुख मार्ग है।
प्रस्ताव तीन
पलिया से गौरीफंटा मार्ग पर किनारे पटरी पर इंटरलॉकिंग लगाने का प्रस्ताव
पलिया-दुधवा-गौरीफंटा मार्ग पर चैनेज 64 से 85.600 तक सड़क किनारे पटरी पर इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जाना है। इसके लिए निर्माण खंड तीन ने स्टीमेट सहित प्रस्ताव पिछले वर्ष अगस्त 2022 में भेज दिया था, जिसके बाद से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने का इंतजार है। इस कार्य पर करीब 2461 लाख रुपये व्यय अनुमानित है। यह मार्ग भी नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा को जोड़ता है और एसएसबी की कई चौकियां स्थित हैं।
प्रस्ताव चार
छोटी काशी तक श्रद्घालुओं की राह होगी सुगम
संसारपुर से हजरतपुर मार्ग पर सात किलोमीटर लंबाई में सड़क का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कराया जाना है। इसका स्टीमेट सहित प्रस्ताव इस महीने भेजा गया है। इस कार्य पर करीब 2600.20 लाख रुपये खर्चा अनुमानित है। इस मार्ग की उपयोगिता यह है कि ब्लॉक बांकेगंज एवं आसपास की आबादी के लिए गोला स्थित चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति करना आसान हो जाएगा। वहीं सावन में छोटी काशी में दर्शन के लिए निघासन, पलिया एवं नेपाल के श्रद्घालुओं को काफी राहत मिलेगी।

प्रस्ताव पांच
कई जनपदों के यात्रियों को मिलेगी बाईपास की सुविधा
पीलीभीत-बस्ती हाईवे से सुआबोझ मैलानी के किलोमीटर एक से 15 तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। करीब 14.500 किलोमीटर लंबाई में सड़क के चौड़ीकरण पर 3811.15 लाख रुपये व्यय आएगा। इसका प्रस्ताव जनवरी 2023 में भेजा गया है। इस मार्ग की उपयोगिता यह है कि पलिया-शाहजहांपुर-हरदोई वाया लखनऊ मार्ग (एनएच 731) और पीलीभीत-बस्ती-मैलानी मार्ग (एनएच 730) के मध्य बाईपास का कार्य करेगा। इससे कई जिलों के लोगों को फायदा होगा।
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