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शीतलहर का प्रकोप जारी, ठिठुर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:07 PM IST
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ठंड
- फोटो : अमर उजाला
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कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार, दिनभर चलीं सर्द हवाएं
जिले में भीषण शीत लहर का प्रकोप जारी है। सुबह से दिन भर चलने वाली बर्फीली हवाओं ने गलन बड़ा दी है। मंगलवार को तीसरे दिन चंद मिनटों के लिए सूरज के दर्शन हुए लेकिन सूरज की रोशनी और गर्मी दोनों में ही दम नहीं था। पिछले तीन दिनों से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त है। सुबह घना कोहरा और दिन भर छाई रहने वाली धुंध ने सूरज को अपनी ओट में छिपा रखा है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी से तराई में शीतलहर शुरू हो गई है। ठंडी बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपा कर रख दिया है। तापमान में गिरावट लगातार जारी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 16.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह छाए रहने वाले कोहरे से दृश्यता कम हो गई है। सुबह लोगों को वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण पिछले तीन दिनों में सड़क हादसों में इजाफा हुआ है।
मौसम के जानकारों का कहना है कि दिसंबर के अंत तक शीतलहर में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। उधर डॉक्टरों ने भी ठंड के मौसम में पर्याप्त सावधानी बरतने और बचाव के उपाय करने की सलाह दी है। इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का खास ख्याल रखने को कहा गया है। मजदूरों, रिक्शाचालकों आदि के लिए शहर में कुछ रैन बसेरा बनाए जरूर हैं लेकिन उनमें ओढ़ने बिछाने का इंतजाम न होने के कारण वे पूरी तरह निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं।
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ठंड का यह मौसम उन बाढ़, कटान पीड़ितों पर भारी पड़ रही है जो अपना घर बार गंवाने के बाद नदी और तटबंध के किनारे खुले आसमान के नीचे झिल्लियां तान कर रहने को मजबूर हैं। उनके पास न छत है न पर्याप्त कपड़े और न ही जरूरत भर के बिस्तर। जिला प्रशासन अब तक उनके पुनर्वास का इंतजाम तक नहीं कर पाया है।
गोला गोकर्णनाथ। सुबह घने कोहरे में वाहनों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं दोपहर बाद निकली धूप से कुछ राहत मिली।
ममरी। तीन दिन कड़ाके की ठंड पड़ने और घना कोहरा छाया रहने के बाद मंगलवार दोपहर हल्की धूप निकलने से आम लोगों ने राहत महसूस की। मार्केट में भी रौनक बढ़ी है।
एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं जले अलाव
तिकुनियां। एसडीएम के आदेश के बाद भी कस्बे के प्रमुख स्थानों पर अलाव नहीं जलाए गए। कड़ाके की ठंड के चलते लोग कांपने के लिए विवश हैं।
कई दिनों से पड़ रही जबरदस्त ठंड को देखते हुए एसडीएम निघासन ने तिकुनियां के प्रमुख स्थानों और चौराहों पर अलाव जलाने के आदेश हल्का लेखपाल को दिए थे, लेकिन दो दिन बाद भी रेलवे स्टेशन चौराहा, टायर चौराहा, पीएचसी और रोडवेज बस स्टैंड पर अलाव नहीं जलाया गया। अलाव न जलने से मजदूर, ठेलिया चालकों के साथ यात्री कांपने को विवश हैं।
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जिले में भीषण शीत लहर का प्रकोप जारी है। सुबह से दिन भर चलने वाली बर्फीली हवाओं ने गलन बड़ा दी है। मंगलवार को तीसरे दिन चंद मिनटों के लिए सूरज के दर्शन हुए लेकिन सूरज की रोशनी और गर्मी दोनों में ही दम नहीं था। पिछले तीन दिनों से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त है। सुबह घना कोहरा और दिन भर छाई रहने वाली धुंध ने सूरज को अपनी ओट में छिपा रखा है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी से तराई में शीतलहर शुरू हो गई है। ठंडी बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपा कर रख दिया है। तापमान में गिरावट लगातार जारी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 16.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह छाए रहने वाले कोहरे से दृश्यता कम हो गई है। सुबह लोगों को वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण पिछले तीन दिनों में सड़क हादसों में इजाफा हुआ है।
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मौसम के जानकारों का कहना है कि दिसंबर के अंत तक शीतलहर में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। उधर डॉक्टरों ने भी ठंड के मौसम में पर्याप्त सावधानी बरतने और बचाव के उपाय करने की सलाह दी है। इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का खास ख्याल रखने को कहा गया है। मजदूरों, रिक्शाचालकों आदि के लिए शहर में कुछ रैन बसेरा बनाए जरूर हैं लेकिन उनमें ओढ़ने बिछाने का इंतजाम न होने के कारण वे पूरी तरह निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं।
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ठंड का यह मौसम उन बाढ़, कटान पीड़ितों पर भारी पड़ रही है जो अपना घर बार गंवाने के बाद नदी और तटबंध के किनारे खुले आसमान के नीचे झिल्लियां तान कर रहने को मजबूर हैं। उनके पास न छत है न पर्याप्त कपड़े और न ही जरूरत भर के बिस्तर। जिला प्रशासन अब तक उनके पुनर्वास का इंतजाम तक नहीं कर पाया है।
गोला गोकर्णनाथ। सुबह घने कोहरे में वाहनों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं दोपहर बाद निकली धूप से कुछ राहत मिली।
ममरी। तीन दिन कड़ाके की ठंड पड़ने और घना कोहरा छाया रहने के बाद मंगलवार दोपहर हल्की धूप निकलने से आम लोगों ने राहत महसूस की। मार्केट में भी रौनक बढ़ी है।
एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं जले अलाव
तिकुनियां। एसडीएम के आदेश के बाद भी कस्बे के प्रमुख स्थानों पर अलाव नहीं जलाए गए। कड़ाके की ठंड के चलते लोग कांपने के लिए विवश हैं।
कई दिनों से पड़ रही जबरदस्त ठंड को देखते हुए एसडीएम निघासन ने तिकुनियां के प्रमुख स्थानों और चौराहों पर अलाव जलाने के आदेश हल्का लेखपाल को दिए थे, लेकिन दो दिन बाद भी रेलवे स्टेशन चौराहा, टायर चौराहा, पीएचसी और रोडवेज बस स्टैंड पर अलाव नहीं जलाया गया। अलाव न जलने से मजदूर, ठेलिया चालकों के साथ यात्री कांपने को विवश हैं।