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Lakhimpur Kheri News: दशरथ विलाप देख छलके दर्शकों के आंसू
Tue, 18 Nov 2025 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:16 PM IST
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जंगबहादुरगंज में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद
पसगवां। जंगबहादुरगंज में चल रही रामलीला में कलाकारों ने राम वनगवन और राजा दशरथ मरण का मंचन किया। यहां राम के वियोग में राजा दशरथ का विलाप देख दर्शकों के आंसू छलकने लगे।
पांच दिन बाद सुमंत भगवान राम, लक्ष्मण और सीता के छोड़कर अयोध्या लौट आए। सुमंत ने गुरु वशिष्ठ को बताया और कहा कि वे उनके साथ राजा दशरथ के पास चलें। गुरु वशिष्ठ कहते हैं कि राम दृढ़ संकल्प वाले हैं। उनका निर्णय बदलना बहुत कठिन है। दशरथ सुमंत से पूछते हैं कि कौन वापस आया। सीता को भी वापस नहीं ला सके।
सुमंत कहते हैं कि वह राजाज्ञा का पालन नहीं कर सके। उन्हें राजदंड मिलना चाहिए। राजा दशरथ कहते हैं कि नारी के साथ का कठपुतली बनकर उन्होंने अपने कुल का सर्वनाश कर दिया। गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ से कहते हैं कि धैर्य की परीक्षा होती है। धीरज रखेंगे तभी हम सब दुखों से पार पाएंगे। रानी कौशल्या और सुमित्रा भी राजा को धीरज बंधाती है, लेकिन राजा विलाप करते हुए प्राण त्याग देते हैं। ननिहाल से वापस आकर भरत राजा दशरथ का अंतिम संस्कार करते हैं।
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पांच दिन बाद सुमंत भगवान राम, लक्ष्मण और सीता के छोड़कर अयोध्या लौट आए। सुमंत ने गुरु वशिष्ठ को बताया और कहा कि वे उनके साथ राजा दशरथ के पास चलें। गुरु वशिष्ठ कहते हैं कि राम दृढ़ संकल्प वाले हैं। उनका निर्णय बदलना बहुत कठिन है। दशरथ सुमंत से पूछते हैं कि कौन वापस आया। सीता को भी वापस नहीं ला सके।
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सुमंत कहते हैं कि वह राजाज्ञा का पालन नहीं कर सके। उन्हें राजदंड मिलना चाहिए। राजा दशरथ कहते हैं कि नारी के साथ का कठपुतली बनकर उन्होंने अपने कुल का सर्वनाश कर दिया। गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ से कहते हैं कि धैर्य की परीक्षा होती है। धीरज रखेंगे तभी हम सब दुखों से पार पाएंगे। रानी कौशल्या और सुमित्रा भी राजा को धीरज बंधाती है, लेकिन राजा विलाप करते हुए प्राण त्याग देते हैं। ननिहाल से वापस आकर भरत राजा दशरथ का अंतिम संस्कार करते हैं।
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