{"_id":"57c46f4b4f1c1b644b2cb572","slug":"tharu-people-march-out-house-of","type":"story","status":"publish","title_hn":"थारू लोगों ने निकाला जुलूस, की सभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थारू लोगों ने निकाला जुलूस, की सभा
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां-चंदनचौकी।
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
समारोह
- फोटो : अमर उजाला
- एसडीएम को दावा प्रपत्र फाइल सौंपी
एकीकृत जनजाति परियोजना कार्यालय के कैंपस में अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन एवं थारू आदिवासी महिला मजदूर किसान मंच द्वारा समारोह आयोजित किया गया। इसमें एसडीएम पलिया को दावा प्रपत्र फाइलें सौंपी गईं। इस दौरान भारी संख्या में थारू जनजाति के लोगों ने जुलूस निकालने के बाद सभा भी की।
सभा को संबोधित करते हुए वन-जन श्रमजीवी यूनियन के राजनैतिक सलाहकार सदस्य धनंजय उपाध्याय ने कहा कि वे आदिवासियों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखेगें तथा समस्याओं के जल्द निस्तारण भी कराने का प्रयास करेंगे। वन-जन मंच के रजनीश ने कहा कि वे इस समस्या के लिये स्थानीय 130 लोगों के साथ मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्होंने कहा कि आदिवासियों ने जो पहले दावा प्रपत्र भरे थे, उनपर ध्यान नहीं दिया गया। इसीलिए दोबारा यह कार्यक्रम आयोजित करना पड़ा। एसडीएम पलिया शादाब असलम ने फारेस्ट राइट एक्ट को इस मौके पर पढ़कर दावा प्रपत्र फाइल प्राप्त की। परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने कहा कि उनके पास कुछ व्यक्तिगत दावे आ चुके हैं। सामुदायिक दावे अभी नहीं आए हैं वे वनविभाग से बात कर उनका अनुपालन कराएंगे। इस दौरान वन-जन मंच के वरिष्ठ सदस्य रामचंद्र राना, रामचंद्र बंदरभरारी, फूलमती राना प्रधान सरियापारा, राम बहादुर राना, नेवादा राना, जवाहर राना, डा. फजल अहमद, एड़ गगन मिश्रा, जावेद अख्तर एड., ऐनुफ बेग, विवेक गुप्ता सभासद सहित तमाम गणमान्य नागरिक और थारू जनजाति के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
एकीकृत जनजाति परियोजना कार्यालय के कैंपस में अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन एवं थारू आदिवासी महिला मजदूर किसान मंच द्वारा समारोह आयोजित किया गया। इसमें एसडीएम पलिया को दावा प्रपत्र फाइलें सौंपी गईं। इस दौरान भारी संख्या में थारू जनजाति के लोगों ने जुलूस निकालने के बाद सभा भी की।
सभा को संबोधित करते हुए वन-जन श्रमजीवी यूनियन के राजनैतिक सलाहकार सदस्य धनंजय उपाध्याय ने कहा कि वे आदिवासियों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखेगें तथा समस्याओं के जल्द निस्तारण भी कराने का प्रयास करेंगे। वन-जन मंच के रजनीश ने कहा कि वे इस समस्या के लिये स्थानीय 130 लोगों के साथ मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्होंने कहा कि आदिवासियों ने जो पहले दावा प्रपत्र भरे थे, उनपर ध्यान नहीं दिया गया। इसीलिए दोबारा यह कार्यक्रम आयोजित करना पड़ा। एसडीएम पलिया शादाब असलम ने फारेस्ट राइट एक्ट को इस मौके पर पढ़कर दावा प्रपत्र फाइल प्राप्त की। परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने कहा कि उनके पास कुछ व्यक्तिगत दावे आ चुके हैं। सामुदायिक दावे अभी नहीं आए हैं वे वनविभाग से बात कर उनका अनुपालन कराएंगे। इस दौरान वन-जन मंच के वरिष्ठ सदस्य रामचंद्र राना, रामचंद्र बंदरभरारी, फूलमती राना प्रधान सरियापारा, राम बहादुर राना, नेवादा राना, जवाहर राना, डा. फजल अहमद, एड़ गगन मिश्रा, जावेद अख्तर एड., ऐनुफ बेग, विवेक गुप्ता सभासद सहित तमाम गणमान्य नागरिक और थारू जनजाति के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन