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जवानों की नाकामयाबी पर नाराज दिखे एसएसबी सेनानायक
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निघासन। टेरर फंडिंग मामले में बैकफुट पर पहुंची एसएसबी के सेनानायक खखरौला पहुंचे। उन्होंने जवानों के साथ की। घाटों पर लगे एसएसबी के जवानों की नाकामयाबी पर नाराज दिखे। उन्होंने नेपाल बार्डर पर चाक चौबंद व्यवस्था करने का आदेश जवानों को दिया।
टेरर फंडिंग मामले में एटीएस ने मंगलवार को तिकुनियां पहुंचकर वहां की लोकशन ली। उसके बाद बार्डर के सीमावर्ती गांवों में अपनी गाड़ी दौड़ाते हुए वह रात में ही लखनऊ रवाना हो गई। टेरर फंडिंग का खुलासा होने से एसएसबी और आईबी के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों पर सवालिया निशान लग गए थे। लगातार मामला सुर्खियों में आने के बाद एसएबी के तृतीय सेनानायक विजय कुमार खखरौला स्थित एसएसबी कैंप पहुंचे। उन्होंने खखरौला, डांगा, दीपनगर, रघुनगर, कृषणानगर, रामनगर, बेलापरसुआ, लालबोझी, पचपेंडा, चंदनचौकी आदि कैंप के प्रभारियों की बैठक की। बॉर्डर पर हो रही तस्करी आदि न होने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि बार्डर पर टेरर फंडिंग मामले में एसएसबी कुछ नहीं कर सकी। उन्होंने नेपाली पैसे को इंडियन करैंसी में बदलने वाले लोगों को चिन्हित करने के आदेश दिए।
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टेरर फंडिंग मामले में एटीएस ने मंगलवार को तिकुनियां पहुंचकर वहां की लोकशन ली। उसके बाद बार्डर के सीमावर्ती गांवों में अपनी गाड़ी दौड़ाते हुए वह रात में ही लखनऊ रवाना हो गई। टेरर फंडिंग का खुलासा होने से एसएसबी और आईबी के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों पर सवालिया निशान लग गए थे। लगातार मामला सुर्खियों में आने के बाद एसएबी के तृतीय सेनानायक विजय कुमार खखरौला स्थित एसएसबी कैंप पहुंचे। उन्होंने खखरौला, डांगा, दीपनगर, रघुनगर, कृषणानगर, रामनगर, बेलापरसुआ, लालबोझी, पचपेंडा, चंदनचौकी आदि कैंप के प्रभारियों की बैठक की। बॉर्डर पर हो रही तस्करी आदि न होने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि बार्डर पर टेरर फंडिंग मामले में एसएसबी कुछ नहीं कर सकी। उन्होंने नेपाली पैसे को इंडियन करैंसी में बदलने वाले लोगों को चिन्हित करने के आदेश दिए।
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