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शारदा नदी में समाए मंदिर और शौचालय
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शारदा में समाया शौचालय।
महेवागंज। एक माह शांत रहने के बाद शारदा नदी ने ग्रंट 12 मंझरी गांव में फिर से तबाही शुरू कर दी है। यहां भूकटान से ग्रामीण बेहाल हैं। बीते 48 घंटे में नदी ने निर्माणाधीन शारदा मंदिर, दो आवास और शौचालयों को अपने में समा मिला है। कुछ घर शारदा के निशाने पर हैं। कटान होने से ग्रामीणों में दहशत है।
तहसील निघासन के ग्रंट 12 अहिराना (मझरी) गांव में पिछले कुछ माह से शारदा नदी कहर बरपा रही है। सैकड़ों एकड़ फसली भूमि के साथ ही अब तक 45 से ज्यादा घर नदी में समा चुके हैं। हालांकि पानी बढ़ने से कुछ समय के लिए कटान रुक गया था। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
सप्ताह भर पहले पानी कम पड़ते ही नदी ने एक बार फिर कटान शुरू कर दिया है। आलम यह है कि तीन दिन में गांव में बना शारदा मंदिर और राम भरोसे और बेचू लाल के घर के बाहर स्थित शौचालय नदी में समा गए हैं। अब इनके घर नदी के निशाने पर हैं। गांव निवासी रविंदर यादव ने बताया कि तीन दिन पहले आम के पेड़ लगी दो बीघा बाग भी नदी में समा गई थी। कटान पीड़ित पलायन को मजबूर हैं।
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तहसील निघासन के ग्रंट 12 अहिराना (मझरी) गांव में पिछले कुछ माह से शारदा नदी कहर बरपा रही है। सैकड़ों एकड़ फसली भूमि के साथ ही अब तक 45 से ज्यादा घर नदी में समा चुके हैं। हालांकि पानी बढ़ने से कुछ समय के लिए कटान रुक गया था। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
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सप्ताह भर पहले पानी कम पड़ते ही नदी ने एक बार फिर कटान शुरू कर दिया है। आलम यह है कि तीन दिन में गांव में बना शारदा मंदिर और राम भरोसे और बेचू लाल के घर के बाहर स्थित शौचालय नदी में समा गए हैं। अब इनके घर नदी के निशाने पर हैं। गांव निवासी रविंदर यादव ने बताया कि तीन दिन पहले आम के पेड़ लगी दो बीघा बाग भी नदी में समा गई थी। कटान पीड़ित पलायन को मजबूर हैं।
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