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टीमें लगी रहीं, नहीं दिखी बाघ की चहलकदमी

Thu, 25 Jun 2020 11:41 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2020 11:41 PM IST
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Teams kept on, did not see the movement of the tiger
बाघ की तलाश में हथिनी संग कांबिंग करते वनकर्मी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
मैलानी। छेदीपुर के हमलावर बाघ की पांचवें दिन खेतों में कोई गतिविधि नहीं दिखी। बाघ की लोकेशन के लिए एक जोड़ी कैमरा और लगाया गया। उधर वनकर्मी बाघ की तलाश में दिन रात ड्यूटी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात को वनकर्मी आते जरूर हैं, लेकिन पूरी रात के बजाए जल्दी वापस चले जाते हैं। ट्रेनी आईएफएस राजेश कुमार का कहना है कि ग्रामीणों के आरोप गलत हैं। वनकर्मी विभागीय गाइड लाइन के अनुरूप अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।
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रविवार को डीटीआर मैलानी रेंज की भरिगवां बीट से सटे छेदीपुर गांव निवासी राम निवास सहित परिवार के तीन लोगों पर बाघ ने खेत में हमला कर घायल कर दिया था। अगले ही दिन दुधवा से आई प्रशिक्षित हथिनी पवनकली की मदद से बराबर बाघ की तलाश में खेतों व जंगल के किनारे कांबिंग की जा रही है। बुधवार सुबह जंगल से सटे बनवारी और निरंजन के खेत में बाघ के पगमार्क दिखाई दिए थे। वनकर्मियों के मुताबिक संभवत: शिकार का पीछा करते हुए बाघ खेत तक पहुंच गया और फिर जंगल लौट गया। बुधवार को डब्ल्यूटीआई की टीम ने पांच जगहों पर दस कैमरे लगाए थे। ट्रेनी आईएफएस मैलानी रेंजर राजेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को एक जोड़ी कैमरा और लगाया गया है। बताया कि एक-दो दिनों में कैमरों से मिले डाटा का परीक्षण किया जाएगा। उधर ग्रामीणों में अब भी बाघ की दहशत बरकरार है।
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ट्रेनी आईएफएस मैलानी रेंजर राजेश कुमार ने बताया कि छेदीपुर में बाघ के हमले में घायलों के सरकारी मुआवजे के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। डीएफओ और डब्ल्यूटीआई की ओर से परिवार की आर्थिक मदद की गई है। विभागीय मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने पर घायलों के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर होगा।
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कल से अब तक बाघ का कोई गतिविधि नहीं दिखी है। कैमरों मिले डाटा का एक-दो दिन में अध्ययन किया जाएगा। वह खुद मॉनीटरिंग कर रहे है। प्रोटाकाल और गाइडलाइन के हिसाब से जो होना चाहिए, उसके अलावा भी सभी संभावित प्रयास किए जा रहे हैं।
-राजेश कुमार, रेंजर मैलानी

बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन न तो कैमरे में बाघ की कोई तस्वीर ट्रैप हुई है न ही बाघ के मूवमेंट का कोई पता चला है।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन
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