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Lakhimpur Kheri News: टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने डीएम को दिया ज्ञापन
Fri, 19 Jun 2026 01:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:20 AM IST
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डीएम को ज्ञापन देते राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी। संवाद
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को टीईटी की अनिवार्यता को पूर्व प्रभाव से लागू किए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम अंजनी कुमार सिंह को दिया।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष संतोष मौर्य, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राम गोपाल मौर्य, जिला उपाध्यक्ष (महिला) अर्चना शर्मा, जिला महामंत्री संदीप चौरसिया और जिला संगठन मंत्री धर्मेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे।
महासंघ ने ज्ञापन में कहा कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी टीईटी अधिसूचना तथा 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर नई पात्रता शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। संगठन का कहना है कि तत्कालीन नियमों के तहत हुई नियुक्तियां वैध थीं। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों, वरिष्ठता और पदोन्नति की रक्षा की जानी चाहिए। महासंघ ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी कर शिक्षकों को विधायी व नीतिगत संरक्षण दिलाने की मांग की।
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पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष संतोष मौर्य, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राम गोपाल मौर्य, जिला उपाध्यक्ष (महिला) अर्चना शर्मा, जिला महामंत्री संदीप चौरसिया और जिला संगठन मंत्री धर्मेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे।
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महासंघ ने ज्ञापन में कहा कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी टीईटी अधिसूचना तथा 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर नई पात्रता शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। संगठन का कहना है कि तत्कालीन नियमों के तहत हुई नियुक्तियां वैध थीं। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों, वरिष्ठता और पदोन्नति की रक्षा की जानी चाहिए। महासंघ ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी कर शिक्षकों को विधायी व नीतिगत संरक्षण दिलाने की मांग की।
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