ताइक्वांडो ट्रेनर की मौत का मामला: परिजनों ने जताया कोच पर हत्या का शक, लखनऊ में फंदे से लटका मिला था शव
ग्रामीणों ने बताया कि पहले मंतशा के ताइक्वांडो प्रेम को लेकर परिवार खिलाफ रहता था, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया था। अचानक से मंतशा की खुदकुशी लोगों के गले नहीं उतर रही है।
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लखनऊ के गुडंबा थाना इलाके में लखीमपुर के तिकुनिया निवासी ताइक्वांडो ट्रेनर की खुदकुशी के बाद मृतका के घर पर सन्नाटा पसरा है। घटना से परिजन इस कदर व्यथित हैं कि वह किसी से भी बात नहीं कर सके। उधर, बेटी ट्रेनर की मौत के बाद परिजनों ने साथी कोच की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उस पर हत्या करने का संदेह जताया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले में अभी ऐसी कोई तहरीर नहीं मिली है।
तिकुनिया कस्बे के गुरुद्वारा गली में ताइक्वांडो सिखाने वाली मंतशा दो तीन साल से एक लखनऊ में रह रही थी। जहां पर वह ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दे रही थी। गुरुवार को उसकी खुदकुशी की खबर आई तो परिवार में कोहराम मच गया।
बच्चों को ताइक्वांडो सिखाती थी मतंशा
बताया गया कि मरहूम रहीस अहमद की 21 साल की बेटी मंतशा यहीं के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट परीक्षा पास कर मौजूदा समय में बीए कर रही थी। इससे पहले वह तिकुनिया के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज में चार साल से ताइक्वांडो के एक कोच निवासी पलिया के साथ मिलकर बच्चों को ताइक्वांडो सिखाती थी।
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परिजनों का आरोप है कि वही कोच दो साल पहले मंतशा को लखनऊ ले गए थे। जहां गुडंबा थाना क्षेत्र के मोहल्ला आदिल नगर में अलग-अलग कमरा लेकर वह रह रहे थे। इसके अलावा कोतवाली क्षेत्र की दो बेटियां भी मंतशा के साथ ही रहती थीं और ताइक्वांडो सीखती थीं। मंतशा एक स्कूल के अलावा अपने कमरे पर भी बच्चों को ताइक्वांडो सिखाती थी। जबकि, उसी घर में अलग कमरा किराये पर लेकर वह कोच भी रहते थे।
परिजनों ने बताया कि घटना के तीन दिन पहले ही मंतशा जयपुर से मेडल जीतकर लाई थी। जबकि दिल्ली-नेपाल के साथ हुए मैच में भी उसने मेडल हासिल किया था। मंतशा के साथ रहने वाली लड़कियों ने बताया कि मंतशा अपने कैरियर को लेकर काफी संजीदा थी। दोनों ने बताया कि घटना से पहले ही वह परीक्षा देने के लिये अपने घर पर आई हुई हैं।
चार बहनों में सबसे छोटी थी मंतशा
मंतशा का परिवार तिकुनिया कस्बे में रहता है। उसके चार बहनें व तीन भाई हैं। चार बहनों में वह सबसे छोटी थी। पिता रहीस अहमद की मौत पांच साल पहले ही हो चुकी है, जबकि तीन बहनें, मां व भाई शाकिर घर पर रहता है। बड़ा भाई शरीफ सिलाई का काम करता था, जो कि कुछ दिन पहले सऊदी अरब चला गया। मंझला भाई बब्बू दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता है, वहीं सबसे छोटा शाकिर बाइक की दुकान पर मिस्त्री का काम करता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले मंतशा के ताइक्वांडो प्रेम को लेकर परिवार खिलाफ रहता था, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया था। अचानक से मंतशा की खुदकुशी लोगों के गले नहीं उतर रही है। सभी ने लखनऊ में उसके पड़ोसी व साथी ताइक्वांडो कोच की भूमिका संदिग्ध बताते हुए, हत्या का संदेह जताया है। उधर, लखनऊ पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में रखा हुआ है।