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उफनाई शारदा और सुहेली नदियां, गांवों में भरा बाढ़ का पानी
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:01 PM IST
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उफान
- फोटो : अमर उजाला
पलिया में नगला मोड़ पर शारदा तो पलिया निघासन रोड पर मलिनियां रपटा पर सुहेेली का पानी
इस बार सुहेली का है रौद्र रूप, बिलहिया, चंबरबोझ में पानी ही पानी
शारदा और सुहेली नदियों का उफान बढ़ता ही जा रहा है। शारदा और सुहेली का पानी शहर तक आ पहुंचा है। इसमें सुहेली ज्यादा रौद्र रूप दिखा रही है और उसका पानी इस बार शहर से होकर शारदा के बाढ़ के पानी से मिल रहा है। पलिया-निघासन रोड पर मलिनिया रपटा पुल पर एक से दो फुट पानी चल रहा है हालांकि आवागमन बंद नहीं है। इधर शारदा की बाढ़ का पानी चीनी मिल के पास नगला मोड़ पर बहने लगा है जबकि इमलिया मार्ग भी बंद है। इसके अलावा भी कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी चल रहा है।
बारिश जारी रहने से शारदा नदी का उफान बढ़ता ही जा रहा है और वह खतरे के निशान 153.620 को पार कर 154.750 पर पहुंच गई है जो खतरेे के निशान से करीब एक मीटर 22 सेंटीमीटर ऊपर है। संपूर्णानगर प्रतिनिधि के मुताबिक नदियों के उफान से सुतिया नाले में बाढ़ का पानी आ गया है और इससे किनारे बसे मजदूर तबके के लोगों के घर बाढ़ के पानी से भर गए है। लोग उंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। इधर सुतिया पुल पर चार-पांच फुट पानी चलने से लोग पांच किलोमीटर चक्कर काटकर भूपनगर, रानीनगर, मिर्चिया और नेपाल के गांव में जा रहे है। कृष्णानगर गांव के मजरा खैरानी में बाढ़ का पानी भर गया है और सपटहिया पुल पर भी पांच फुट पानी चल रहा है। जिससे लोग चक्कर काटकर आवागमन कर रहे है।
महंगापुर प्रतिनिधि के मुताबिक बाजपुर, पतेड़ा, लगदाहन, खमरिया आदि गांवों का फसली इलाका बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में है और यहां परसपुर रपटा और मिर्चिया रपटा पुल पर कई फुट बाढ़ का पानी चल रहा है। इधर पलिया परिक्षेत्र के गांव पकरिया, खैरहना, मरौचा का निचला इलाका, नगला, दौलतापुर, कचनारा, मटहिया, आजाद नगर, बर्बाद नगर, मेलाघाट आदि गांव में बाढ़ का पानी और बढ़ गया है साथ ही खेतिहर इलाका भी डूबा हुआ है। इमलिया मार्ग बाढ़ के पानी के कारण बंद हो गया है, वहीं मेलाघाट रास्ते पर भी कई फुट बाढ़ का पानी चल रहा है। शारदा की बाढ़ का पानी पलिया चीनी मिल के सामने नगला मोड़ पर भी चलने लगा है और लोग इसी से होकर गुजर रहे हैं। मझगईं प्रतिनिधि के मुताबिक परिक्षेत्र के नयापुरवा खालेपुरवा, बल्लीपुर, तिकोनाफार्म, विश्नुपुर, नौगवां आदि गांव शारदा नदी की बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और यहां का खेतिहर इलाका पूरी तरह से डूबा हुआ है। मार्ग भी शारदा नदी की बाढ़ के पानी से बंद है। उधर सुहेली की बाढ़ का पानी पलिया के थाना रोड पर बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के पास और भी बढ़ गया है। पलिया निघासन मार्ग मलिनियां रपटा पर करीब तीन से चार फुट पानी चल रहा है और लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।
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मकनपुर, बिलहिया, गजरौरा, अतरनगर, घोला, मलिनिया, बुद्धापुरवा आदि में भी सुहेली का पानी और बढ़ा है। इधर मझगईं संवादाता के अनुसार विश्नुपुर मार्ग बाढ़ के पानी से कट जाने के कारण आवागमन बंद है। उधर चौखड़ा फार्म क्षेत्र और मार्ग पर कई कई फुट पानी चल रहा है और लोग जान जोखिम में डाल कर निकल रहे हैं। दोनोंनदियों के उफान से इलाके में हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। फसलों के डूबे होने के कारण पूरे इलाके में पशुओं के चारे कि किल्लत बनी है। एसडीएम ने बताया कि फ्लड स्कवायड आ गई है और बाढ़ग्रस्त इलाको में नावों की व्यवस्था की गई है।
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इस बार सुहेली का है रौद्र रूप, बिलहिया, चंबरबोझ में पानी ही पानी
शारदा और सुहेली नदियों का उफान बढ़ता ही जा रहा है। शारदा और सुहेली का पानी शहर तक आ पहुंचा है। इसमें सुहेली ज्यादा रौद्र रूप दिखा रही है और उसका पानी इस बार शहर से होकर शारदा के बाढ़ के पानी से मिल रहा है। पलिया-निघासन रोड पर मलिनिया रपटा पुल पर एक से दो फुट पानी चल रहा है हालांकि आवागमन बंद नहीं है। इधर शारदा की बाढ़ का पानी चीनी मिल के पास नगला मोड़ पर बहने लगा है जबकि इमलिया मार्ग भी बंद है। इसके अलावा भी कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी चल रहा है।
बारिश जारी रहने से शारदा नदी का उफान बढ़ता ही जा रहा है और वह खतरे के निशान 153.620 को पार कर 154.750 पर पहुंच गई है जो खतरेे के निशान से करीब एक मीटर 22 सेंटीमीटर ऊपर है। संपूर्णानगर प्रतिनिधि के मुताबिक नदियों के उफान से सुतिया नाले में बाढ़ का पानी आ गया है और इससे किनारे बसे मजदूर तबके के लोगों के घर बाढ़ के पानी से भर गए है। लोग उंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। इधर सुतिया पुल पर चार-पांच फुट पानी चलने से लोग पांच किलोमीटर चक्कर काटकर भूपनगर, रानीनगर, मिर्चिया और नेपाल के गांव में जा रहे है। कृष्णानगर गांव के मजरा खैरानी में बाढ़ का पानी भर गया है और सपटहिया पुल पर भी पांच फुट पानी चल रहा है। जिससे लोग चक्कर काटकर आवागमन कर रहे है।
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महंगापुर प्रतिनिधि के मुताबिक बाजपुर, पतेड़ा, लगदाहन, खमरिया आदि गांवों का फसली इलाका बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में है और यहां परसपुर रपटा और मिर्चिया रपटा पुल पर कई फुट बाढ़ का पानी चल रहा है। इधर पलिया परिक्षेत्र के गांव पकरिया, खैरहना, मरौचा का निचला इलाका, नगला, दौलतापुर, कचनारा, मटहिया, आजाद नगर, बर्बाद नगर, मेलाघाट आदि गांव में बाढ़ का पानी और बढ़ गया है साथ ही खेतिहर इलाका भी डूबा हुआ है। इमलिया मार्ग बाढ़ के पानी के कारण बंद हो गया है, वहीं मेलाघाट रास्ते पर भी कई फुट बाढ़ का पानी चल रहा है। शारदा की बाढ़ का पानी पलिया चीनी मिल के सामने नगला मोड़ पर भी चलने लगा है और लोग इसी से होकर गुजर रहे हैं। मझगईं प्रतिनिधि के मुताबिक परिक्षेत्र के नयापुरवा खालेपुरवा, बल्लीपुर, तिकोनाफार्म, विश्नुपुर, नौगवां आदि गांव शारदा नदी की बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और यहां का खेतिहर इलाका पूरी तरह से डूबा हुआ है। मार्ग भी शारदा नदी की बाढ़ के पानी से बंद है। उधर सुहेली की बाढ़ का पानी पलिया के थाना रोड पर बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के पास और भी बढ़ गया है। पलिया निघासन मार्ग मलिनियां रपटा पर करीब तीन से चार फुट पानी चल रहा है और लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।
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मकनपुर, बिलहिया, गजरौरा, अतरनगर, घोला, मलिनिया, बुद्धापुरवा आदि में भी सुहेली का पानी और बढ़ा है। इधर मझगईं संवादाता के अनुसार विश्नुपुर मार्ग बाढ़ के पानी से कट जाने के कारण आवागमन बंद है। उधर चौखड़ा फार्म क्षेत्र और मार्ग पर कई कई फुट पानी चल रहा है और लोग जान जोखिम में डाल कर निकल रहे हैं। दोनोंनदियों के उफान से इलाके में हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। फसलों के डूबे होने के कारण पूरे इलाके में पशुओं के चारे कि किल्लत बनी है। एसडीएम ने बताया कि फ्लड स्कवायड आ गई है और बाढ़ग्रस्त इलाको में नावों की व्यवस्था की गई है।