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Lakhimpur Kheri News: बारिश के बीच गन्ने की फसल पर कीट-रोगों का खतरा
Sun, 19 Jul 2026 10:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:52 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में लगातार बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच गन्ने की फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए कृषि रक्षा विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी कर खेतों का नियमित निरीक्षण और समय रहते वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रण करने की अपील की है।
जिला कृषि अधिकारी/कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि इस मौसम में गन्ने की फसल पर पाइरिला, दीमक, तना एवं जड़ छेदक, टॉप बोरर, ऊनी चेपा, लाल सड़न, पोक्का बोइंग और चोटी बेधक जैसे कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों का ही प्रयोग करें।
रासायनिक दवाओं के साथ जैविक एवं प्राकृतिक उपायों को भी प्राथमिकता दें। विशेष रूप से पाइरिला के नियंत्रण के लिए इसके प्राकृतिक शत्रु कीटों का संरक्षण करें। संक्रमित पौधों को खेत से निकालकर नष्ट करने और नियमित निगरानी की भी सलाह दी गई है।
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कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों से दवाओं का प्रयोग कृषि वैज्ञानिकों व विभागीय अधिकारियों की सलाह पर ही करने की अपील की, ताकि फसल सुरक्षित रहे और अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।
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जिला कृषि अधिकारी/कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि इस मौसम में गन्ने की फसल पर पाइरिला, दीमक, तना एवं जड़ छेदक, टॉप बोरर, ऊनी चेपा, लाल सड़न, पोक्का बोइंग और चोटी बेधक जैसे कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों का ही प्रयोग करें।
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रासायनिक दवाओं के साथ जैविक एवं प्राकृतिक उपायों को भी प्राथमिकता दें। विशेष रूप से पाइरिला के नियंत्रण के लिए इसके प्राकृतिक शत्रु कीटों का संरक्षण करें। संक्रमित पौधों को खेत से निकालकर नष्ट करने और नियमित निगरानी की भी सलाह दी गई है।
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कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों से दवाओं का प्रयोग कृषि वैज्ञानिकों व विभागीय अधिकारियों की सलाह पर ही करने की अपील की, ताकि फसल सुरक्षित रहे और अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।