{"_id":"65131bd880b2849fa40deb78","slug":"sugarcane-committee-is-giving-nano-urea-along-with-the-receipt-of-increase-in-yield-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1018-6574-2023-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: उपज बढ़ोतरी की रसीद के साथ गन्ना समिति दे रही नैनो यूरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: उपज बढ़ोतरी की रसीद के साथ गन्ना समिति दे रही नैनो यूरिया
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। सहकारी गन्ना विकास समिति गन्ना उपज बढ़ोतरी की रसीद के साथ किसानों को नैनो यूरिया दे रही है। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने इसे किसानों का शोषण बताते हुए विरोध जताया है और कार्रवाई की मांग की है।
पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने आरोप लगाया है कि शासनादेश के अनुसार, उपज बढ़ोतरी की रसीद 30 सितंबर तक कटेगी। सामान्य और पिछड़े वर्ग के किसानों की 250 रुपये की और अनुसूचित जाति के किसानों की 10 रुपये की रसीद कटनी चाहिए। रसीद तो प्रावधान के अनुसार ही कट रही है, लेकिन प्रत्येक किसान से 225 रुपये अतिरिक्त वसूल कर उन्हें इफ्को की नैनो यूरिया की एक शीशी जबरन दी जा रही है। जो किसान इसे लेने से इन्कार करते हैं। उनकी रसीद नहीं काटी जा रही।
सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव डॉ. बलवंत कुमार चौधरी ने बताया कि किसानों में नैनों के प्रति उत्साह नहीं है। उपज बढ़ोतरी रसीद के साथ नैनो लेने के लिए किसानों पर किसी भी प्रकार का जोर दबाव नहीं है। स्वेच्छा से नैनो लेने के लिए कहा जा रहा है। आरोप निराधार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने आरोप लगाया है कि शासनादेश के अनुसार, उपज बढ़ोतरी की रसीद 30 सितंबर तक कटेगी। सामान्य और पिछड़े वर्ग के किसानों की 250 रुपये की और अनुसूचित जाति के किसानों की 10 रुपये की रसीद कटनी चाहिए। रसीद तो प्रावधान के अनुसार ही कट रही है, लेकिन प्रत्येक किसान से 225 रुपये अतिरिक्त वसूल कर उन्हें इफ्को की नैनो यूरिया की एक शीशी जबरन दी जा रही है। जो किसान इसे लेने से इन्कार करते हैं। उनकी रसीद नहीं काटी जा रही।
विज्ञापन
सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव डॉ. बलवंत कुमार चौधरी ने बताया कि किसानों में नैनों के प्रति उत्साह नहीं है। उपज बढ़ोतरी रसीद के साथ नैनो लेने के लिए किसानों पर किसी भी प्रकार का जोर दबाव नहीं है। स्वेच्छा से नैनो लेने के लिए कहा जा रहा है। आरोप निराधार है।
विज्ञापन