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चीनी मिलें अपने ढर्रे पर कायम, अफसर खामोश
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 05 Jun 2017 10:44 PM IST
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सहकारी मिलों ने भुगतान के लिए सरकार के सामने फैलाए हाथ
छह मिलों पर 6.72 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया
किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए गन्ना आयुक्त ने सभी छह मिलों को 31 मई 2017 तक समय दिया था, जिसके बावजूद नतीजा वही ढाक के तीन पात ही रहा। निजी क्षेत्र की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा और सहकारी क्षेत्र की बेलरायां, संपूर्णानगर ने अब भी छह अरब 72 करोड़ 61 लाख 20 हजार रुपये गन्ना मूल्य दबा रखा है। डीएम और डीसीओ की ओर से दी गई नोटिस और चेतावनियों का भी असर नहीं पड़ा। बल्कि सहकारी क्षेत्र की दोनों मिलों ने किसानों को भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार के सामने हाथ फैलाते हुए 82 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये मांगे हैं।
जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक सोमवार को गोला मिल ने चार करोड़ 31 लाख 76 हजार, पलिया ने पांच करोड़ 50 लाख और खंभारखेड़ा ने पांच करोड़ 93 लाख 97 हजार रुपये भुगतान किया है। सहकारी मिलों बेलरायां और संपूर्णानगर ने अपने संसाधनों से अर्जित संपूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया है। सहकारी मिलों के घाटे में होने की वजह से शेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए महाप्रबंधक ने सरकार से धनराशि मांगी है, जिसके प्राप्त होने पर बेलरायां और संपूर्णानगर मिलें किसानों को भुगतान कर पाएंगी।
मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
गोला 20611.52
पलिया 18838.81
खंभारखेड़ा 15275.55
ऐरा 4323.59
बेलरायां 3659.61
संपूर्णानगर 4552.22
निजी क्षेत्र की चीनी मिलों पर प्रतिदिन भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा विलंब के चलते मिलों को 49 करोड़ 96 लाख 87 हजार रुपये ब्याज का भी भुगतान करना है, जिसके निर्देश दिए जा चुके हैं।
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-अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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छह मिलों पर 6.72 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया
किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए गन्ना आयुक्त ने सभी छह मिलों को 31 मई 2017 तक समय दिया था, जिसके बावजूद नतीजा वही ढाक के तीन पात ही रहा। निजी क्षेत्र की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा और सहकारी क्षेत्र की बेलरायां, संपूर्णानगर ने अब भी छह अरब 72 करोड़ 61 लाख 20 हजार रुपये गन्ना मूल्य दबा रखा है। डीएम और डीसीओ की ओर से दी गई नोटिस और चेतावनियों का भी असर नहीं पड़ा। बल्कि सहकारी क्षेत्र की दोनों मिलों ने किसानों को भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार के सामने हाथ फैलाते हुए 82 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये मांगे हैं।
जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक सोमवार को गोला मिल ने चार करोड़ 31 लाख 76 हजार, पलिया ने पांच करोड़ 50 लाख और खंभारखेड़ा ने पांच करोड़ 93 लाख 97 हजार रुपये भुगतान किया है। सहकारी मिलों बेलरायां और संपूर्णानगर ने अपने संसाधनों से अर्जित संपूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया है। सहकारी मिलों के घाटे में होने की वजह से शेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए महाप्रबंधक ने सरकार से धनराशि मांगी है, जिसके प्राप्त होने पर बेलरायां और संपूर्णानगर मिलें किसानों को भुगतान कर पाएंगी।
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मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
गोला 20611.52
पलिया 18838.81
खंभारखेड़ा 15275.55
ऐरा 4323.59
बेलरायां 3659.61
संपूर्णानगर 4552.22
निजी क्षेत्र की चीनी मिलों पर प्रतिदिन भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा विलंब के चलते मिलों को 49 करोड़ 96 लाख 87 हजार रुपये ब्याज का भी भुगतान करना है, जिसके निर्देश दिए जा चुके हैं।
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-अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी