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इस बार कम रहेगी चीनी की ‘मिठास’
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लखीमपुर खीरी। तराई में चीनी का कटोरा कहे जाने वाले जनपद में इस बार चीनी का उत्पादन घट गया है। पिछले पेराई सत्र में रिकार्ड चीनी उत्पादन करने वाली सभी नौ चीनी मिलों को इस बार गन्ने की आपूर्ति कम हुई है। गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या से जूझ रहे कुछ किसानों ने गन्ने का एरिया 1212 हेक्टेयर कम किया था, जिसके बाद रेड रॉट (लाल सड़न रोग) नामक बीमारी ने 8479 हेक्टेयर गन्ने की फसल बर्बाद कर दी है। इसके अलावा बाढ़-कटान की चपेट में आकर हजारों हेक्टेयर गन्ने की फसल बर्बाद हुई है। इसका परिणाम यह रहा कि पेराई सत्र 2019-20 की तुलना में इस वर्ष 2020-21 में 2,41,456 क्विंटल चीनी उत्पादन घट गया है।
जनपद में इस वर्ष 3,36,933 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल तैयार की गई, जबकि पिछले वर्ष 3,38,145 हेक्टेयर क्षेत्रफल गन्ने का कुल एरिया था। पिछले वर्ष के मुकाबले गन्ने का एरिया 1212 हेक्टेयर कम हुआ है। इससे चीनी उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता, लेकिन रेड रॉट और बाढ़-कटान की चपेट में आकर 20 हजार हेक्टेयर से अधिक गन्ने की फसल बर्बाद हुई है। लिहाजा चीनी उत्पादन कम होने में सबसे ज्यादा इसका असर दिखने लगा है। ज्यादातर मिलों में नवंबर 2020 के पहले पखवाड़े से पेराई सत्र प्रारंभ हो गया था, जिसके बाद से अब तक 315.38 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष अब तक 306.34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। पेराई की तुलना में इस वर्ष अधिक गन्ने की पेराई की गई, लेकिन चीनी का उत्पादन फिर भी कम ही रहा।
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पेराई अधिक फिर भी कैसे घटा चीनी का उत्पादन
जनपद में चीनी उत्पादन घटने के पीछे गन्ना उत्पादन कम होना कोई बड़ी वजह नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 9.06 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई की गई है। इसके बावजूद चीनी का उत्पादन कम रहने के पीछे कारणों को तलाशा जा रहा है, जिसमें चीनी का परता कम होना भी प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक प्रतिशत चीनी परता कम हुआ है, जिसे चीनी उत्पादन घटने का कारण बताया जा रहा है। गोला मिल का चीनी परता 11.35 से घटकर 10.48 प्रतिशत रह गया है। ऐसे ही ऐरा मिल का चीनी परता 10.91 से घटकर 9.66, अजबापुर मिल का 9.77 से घटकर 9.05, कुंभी का 11.72 से घटकर 9.50 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह अन्य मिलों का भी चीनी परता कम हुआ है।
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सिर्फ बेलरायां और ऐरा मिल का चीनी उत्पादन बढ़ा
चालू पेराई सत्र में अब तक नौ चीनी मिलों में 29,36,932 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। जबकि पिछले वर्ष अब तक 31,78,388 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। सात मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, अजबापुर, कुंभी, गुलरिया और संपूर्णानगर मिलों में चीनी के उत्पादन में कमी आई है, लेकिन ऐरा और बेलरायां मिलों में पिछले वर्ष से उत्पादन अधिक हुआ है। इसका कारण यह है कि समय से मिल चालू होने के कारण इन दोनों मिलों ने पिछले वर्ष से इस बार अधिक गन्ने की पेराई की है।
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गन्ने का एरिया कम हुआ है, जिसका आंशिक असर रहेगा। चीनी का परता प्रतिशत कम होने से चीनी का उत्पादन घटने की संभावना है। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण और रेड रॉट के प्रकोप से भी गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इसका असर चीनी परता पर पड़ा है।
-ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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जनपद में इस वर्ष 3,36,933 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल तैयार की गई, जबकि पिछले वर्ष 3,38,145 हेक्टेयर क्षेत्रफल गन्ने का कुल एरिया था। पिछले वर्ष के मुकाबले गन्ने का एरिया 1212 हेक्टेयर कम हुआ है। इससे चीनी उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता, लेकिन रेड रॉट और बाढ़-कटान की चपेट में आकर 20 हजार हेक्टेयर से अधिक गन्ने की फसल बर्बाद हुई है। लिहाजा चीनी उत्पादन कम होने में सबसे ज्यादा इसका असर दिखने लगा है। ज्यादातर मिलों में नवंबर 2020 के पहले पखवाड़े से पेराई सत्र प्रारंभ हो गया था, जिसके बाद से अब तक 315.38 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष अब तक 306.34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। पेराई की तुलना में इस वर्ष अधिक गन्ने की पेराई की गई, लेकिन चीनी का उत्पादन फिर भी कम ही रहा।
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पेराई अधिक फिर भी कैसे घटा चीनी का उत्पादन
जनपद में चीनी उत्पादन घटने के पीछे गन्ना उत्पादन कम होना कोई बड़ी वजह नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 9.06 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई की गई है। इसके बावजूद चीनी का उत्पादन कम रहने के पीछे कारणों को तलाशा जा रहा है, जिसमें चीनी का परता कम होना भी प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक प्रतिशत चीनी परता कम हुआ है, जिसे चीनी उत्पादन घटने का कारण बताया जा रहा है। गोला मिल का चीनी परता 11.35 से घटकर 10.48 प्रतिशत रह गया है। ऐसे ही ऐरा मिल का चीनी परता 10.91 से घटकर 9.66, अजबापुर मिल का 9.77 से घटकर 9.05, कुंभी का 11.72 से घटकर 9.50 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह अन्य मिलों का भी चीनी परता कम हुआ है।
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सिर्फ बेलरायां और ऐरा मिल का चीनी उत्पादन बढ़ा
चालू पेराई सत्र में अब तक नौ चीनी मिलों में 29,36,932 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। जबकि पिछले वर्ष अब तक 31,78,388 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। सात मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, अजबापुर, कुंभी, गुलरिया और संपूर्णानगर मिलों में चीनी के उत्पादन में कमी आई है, लेकिन ऐरा और बेलरायां मिलों में पिछले वर्ष से उत्पादन अधिक हुआ है। इसका कारण यह है कि समय से मिल चालू होने के कारण इन दोनों मिलों ने पिछले वर्ष से इस बार अधिक गन्ने की पेराई की है।
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गन्ने का एरिया कम हुआ है, जिसका आंशिक असर रहेगा। चीनी का परता प्रतिशत कम होने से चीनी का उत्पादन घटने की संभावना है। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण और रेड रॉट के प्रकोप से भी गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इसका असर चीनी परता पर पड़ा है।
-ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी