फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   sugar cane

गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों का हो रहा शोषण

Wed, 25 Nov 2020 01:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 Nov 2020 01:23 AM IST
विज्ञापन
sugar cane
बंद गन्ना सेंटर पर खड़ी गन्ना भरी ट्रॉली। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों का शोषण होने लगा है। बैलगाड़ी और ट्रॉली से गन्ना उतरवाई के नाम पर किसानों से 50 से 100 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसका विरोध करने पर किसानों को स्वयं गन्ना उतारने के लिए विवश होना पड़ रहा है। आरोप है कि मजदूरों को पैसा देने के लिए कांटा इंचार्ज की भी मूक सहमति रहती, जिससे किसानों की शिकायत को कांटा इंचार्ज नजर अंदाज कर देते हैं। अजबापुर चीनी मिल ने मंगलवार को क्रय केंद्रों पर साप्ताहिक बंदी कर दी है, जिससे किसानों की परेशानी दोहरी हो गई है। इस साप्ताहिक बंदी की जानकारी मिल प्रबंधन ने जिला गन्ना अधिकारी को भी नहीं दी है और न ही किसानों को पहले से सूचना दी जा रही है।
विज्ञापन

जिले की नौ चीनी मिलों के खुले कई गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल कराने के लिए जाने वाले किसानों से उतरवाई के नाम पर वसूली किए जाने की शिकायतें जोर पकडने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक कई क्रय केंद्रों पर गन्ना उतरवाई के नाम पर बैलगाड़ी से 50 रुपयेे और ट्रॉली से 100 रुपये वसूले जा रहे हैं। विरोध करने वाले किसानों की बैलगाड़ी अथवा ट्रॉली को मजदूर हाथ तक नहीं लगाते हैं, जिससे मजबूरन किसान को पैसे देने पड़ते हैं। यह स्थित तब है जबकि गन्ने की उतरवाई-ढुलाई का खर्च किसानों के भुगतान से काटा जाता है। मिल कर्मचारियों और गन्ना समिति के कर्मचारियों का कहना है कि गन्ना उतरवाई के लिए क्रय केंद्रों को पैसा जारी किया जाता है।
विज्ञापन

मंगलवार को अजबापुर मिल का गन्ना क्रय केंद्र लिधियाई बंद मिला, जहां पर तौल कराने के लिए गन्ना भरी ट्रॉलियां खड़ी थीं। किसानों को साप्ताहिक बंदी की बावत मिल प्रबंधन या गन्ना समिति की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई थी। चौकीदार नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पिछले मंगलवार से साप्ताहिक बंदी शुरू हुई है। इधर, गन्ना क्रय केंद्र रहजनिया बंद मिला, यहां भी तौल के लिए ट्रॉलियां खड़ी मिली। गन्ना क्रय केंद्र बाईकुआं भी बंद मिला। किसान गन्ने की तौल कराने के लिए परेशान दिखे। इस साप्ताहिक बंदी की बावत जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश पटेल को भी जानकारी नहीं थी, तो उन्होंने मिल के अधिकारियों से बात की। तो मिल प्रबंधन ने साप्ताहिक बंदी को ट्रांसपोर्टर के हिसाब से निर्धारित किए जाने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
तीन दिन से ट्रॉली तौल कराने के लिए लाइन में खड़ी है। कभी बंदी के नाम पर तो कभी नंबर न आने के कारण तौल नहीं हो पा रही है। गाडिय़ां भी कम आ रही हैं। गन्ना उतरवाई के 100 रुपये लिए जा रहे हैं।
-नवनीत, गन्ना किसान
केंद्र पर गन्ना तौलाने आए थे, लेकिन यहां आने पर पता चला कि तौल बंद है। साप्ताहिक बंदी की सूचना नहीं थी। बैलगाड़ी से गन्ना उतरवाई के 50 रुपये लिए जाते हैं।
-कोटेदार, गन्ना किसान
-
सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर एक साथ साप्ताहिक बंदी नहीं होती है, बल्कि कुछ केंद्रों पर बंदी रहती है। इसके लिए मिल प्रबंधन की ओर से सूचना जारी की जाती है।

-अजीत प्रताप सिंह, सचिव, गन्ना समिति मैगलगंज
-
गन्ना उतरवाई के नाम पर किसानों से वसूली नहीं की जा सकती है। यदि शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। गन्ना क्रय केंद्रों पर साप्ताहिक बंदी का नियम नहीं है। यदि अजबापुर मिल साप्ताहिक बंदी कर रहा है, तो इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल मामले की जांच कराएंगे।
-ब्रजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed