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गन्ना किसानों को बाजार भाव से अधिक में मिल रही चीनी

Wed, 17 Feb 2016 07:35 PM IST
गोला गोकर्णनाथ।
गोला गोकर्णनाथ। Updated Wed, 17 Feb 2016 07:35 PM IST
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Sugar cane farmers are getting more than the market price
बजाज हिंदुरस्थान शुगर लिमिटेड गन्ना किसानों को उनकी पर्चियों पर चीनी दे रही है। लेकिन चीनी बाजार के थोक भाव से अधिक में मिलने पर उन्हें नुकसान हो रहा है। दलाल किसानों से चीनी औने-पौने दाम में खरीद रहे हैं, जिससे सरकार के आय कर और वाणिज्यकर को भी चूना लग रहा है।
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बजाज हिंदुरस्थान शुगर लि में अपने बेचे गन्ने के बदले चीनी लेने के लिए सैकड़ों किसान रोज पहुंचते हैं। घंटो लाइन में लगने के बाद उन्हें शुगर क्वालिटी पर्ची दी जाती है जिसमें चीनी का भाव लिखा रहता है। पर्ची जमा करने पर उन्हें चीनी दी जाती है। किसान को उसी दिन चीनी उठाने को मजबूर किया जाता है। स्लिप जमा करने पर उन्हें खरीदी चीनी का कोई कैश मेमो या गेट पास भी नहीं दिया जाता है। किसान की चीनी को मिल परिसर में दरी बिछाकर बैठे दलाल औने-पौने दाम में खरीदते हैं और शहर के दुकानदारों के अलावा गैर जनपदों में रिसाइकिलिंग करते हैं। जिससे केंद्र सरकार के आयकर और प्रदेश के वाणिज्यकर को लाखों की क्षति पहुंच रही है। नगर में चीनी के कई थोक दुकानदार बताते हैं कि इस समय अधिकांश दुकानों पर गन्ना किसानों से खरीदी दलालों की चीनी बिक रही है। बजाज हिंदुस्थान शुगर गेट से व्यापारियों की चीनी का उठान नहीं हो रहा है। इससे टैक्स अदा करने वाला व्यापारी खासा परेशान है।
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प्रदेश के गन्ना आयुक्त अजय कुमार सिंह ने अमर उजाला को बताया कि केन परचेज एक्ट में  प्राविधान अनुसार गन्ना किसानों को चीनी मिल रही है। उन्हें कैश मेमो अवश्य दिया जाना चाहिए। इसकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
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बाजार में 3160, मिल में है 3190 का भाव
गोला गोकर्णनाथ। 17 फरवरी को नगर के थोक बाजार में चीनी का खुला भाव 3160 रुपये था जबकि गन्ना किसानों को 3190 रुपये में चीनी उपलब्ध कराई गई। इस संबंध में बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के यूनिट हेड ओमपाल सिंह का कहना है कि किसानों को चीनी बाजार भाव से अधिक में उलब्ध नहीं कराई जा रही है। किसान को कैश मेमो तो नहीं दिया जाता है, लेकिन रोज का भाव चीनी वितरण कक्ष के सामने चस्पा कर दिया जाता है।
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