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लेखपाल ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या की
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लखीमपुर खीरी। शहर के मोहल्ला गोटैयाबाग निवासी लेखपाल पंकज कुमार (33) ने मंगलवार की रात घर में गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार की सुबह परिवार वालों ने उसका शव कमरे में पंखे के कुंडे से लटकता देखा, जिसके बाद कोहराम मच गया। सूचना पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी पूनम और मितौली एसडीएम दिग्विजय सिंह ने लेखपाल के घर जाकर परिजन से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आत्महत्या के कारणों की जांच के लिए मृतक लेखपाल के तीन मोबाइल सेट कब्जे में लिए हैं। परिवार वालों ने आत्महत्या के कारणों की जानकारी होने से इनकार किया है।
लेखपाल पंकज कुमार की 2016 बैच में नियुक्ति हुई थी, जिसके बाद से उसकी तैनाती मितौली तहसील में थी। लेखपाल की अभी शादी नहीं हुई थी। वह अपने माता-पिता और मंझले भाई प्रदीप कुमार के साथ ही रहता था। जबकि उसके बड़े भाई अमित कुमार फरधान थाना क्षेत्र के गांव पीरपुर में रहते हैं। लेखपाल पंकज प्रतिदिन मितौली तहसील से आता-जाता था। मृृतक के भाई अमित कुमार के मुताबिक मंगलवार की शाम भी वह ड्यूटी करके लौटा था। इसके बाद खाना खाकर अपने कमरे में सो गया। बुधवार को पंकज सुबह सात बजे तक नहीं उठे तो मंझला भाई प्रदीप उसके कमरे में देखने गया। तब वहां फंदे पर पंकज का शव लटकता देखकर अवाक रह गया। सूचना पाकर संकटा देवी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई अमित ने बताया कि सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे कारणों के बारे में कुछ बता पाना संभव नहीं है। उधर, प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चला है और न ही सुसाइड नोट मिला है। कारणों का पता लगाने के लिए मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। कॉल डिटेल की छानबीन की जा रही है।
दुखद घटना हैै, जिसकी सूचना मिलते ही घर जाकर जानकारी ली तो परिवार वाले भी आत्महत्या के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दे पाए। वह नियमित तौर पर ड्यूटी पर रहता था, जिससे उस पर कोई विभागीय दबाव भी नहीं था। - दिग्विजय सिंह, एसडीएम, मितौली
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लेखपाल पंकज कुमार की 2016 बैच में नियुक्ति हुई थी, जिसके बाद से उसकी तैनाती मितौली तहसील में थी। लेखपाल की अभी शादी नहीं हुई थी। वह अपने माता-पिता और मंझले भाई प्रदीप कुमार के साथ ही रहता था। जबकि उसके बड़े भाई अमित कुमार फरधान थाना क्षेत्र के गांव पीरपुर में रहते हैं। लेखपाल पंकज प्रतिदिन मितौली तहसील से आता-जाता था। मृृतक के भाई अमित कुमार के मुताबिक मंगलवार की शाम भी वह ड्यूटी करके लौटा था। इसके बाद खाना खाकर अपने कमरे में सो गया। बुधवार को पंकज सुबह सात बजे तक नहीं उठे तो मंझला भाई प्रदीप उसके कमरे में देखने गया। तब वहां फंदे पर पंकज का शव लटकता देखकर अवाक रह गया। सूचना पाकर संकटा देवी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई अमित ने बताया कि सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे कारणों के बारे में कुछ बता पाना संभव नहीं है। उधर, प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चला है और न ही सुसाइड नोट मिला है। कारणों का पता लगाने के लिए मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। कॉल डिटेल की छानबीन की जा रही है।
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दुखद घटना हैै, जिसकी सूचना मिलते ही घर जाकर जानकारी ली तो परिवार वाले भी आत्महत्या के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दे पाए। वह नियमित तौर पर ड्यूटी पर रहता था, जिससे उस पर कोई विभागीय दबाव भी नहीं था। - दिग्विजय सिंह, एसडीएम, मितौली
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