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ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:49 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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250 डाकघरों में लटके रहे ताले, गांवों में नहीं बटी डाक
प्रधान डाकघर पर ग्रामीण डाक सेवकों ने दिया धरना
आल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर जिले के करीब 350 ग्रामीण डाक सेवक शुक्रवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इससे ग्रामीण डाक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। जिले के ग्रामीण इलाके के करीब 250 उप डाकघरों में ताले लटके रहे। ग्रामीण डाक सेवकों ने प्रधान डाकघर के सामने धरना देते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीण डाक सेवक चार सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं। ग्रामीण डाक सेवकों की मांग है कि ग्रामीण डाक सेवक कमेटी की रिपोर्ट को एआईजीडीएसयू द्वारा दिए गए सुझावों के साथ जल्द लागू किया जाए। ग्रामीण डाक सेवकों को आठ घंटे कार्य और विभागीकरण किया जाए। ग्रामीण डाक सेवकों को पेंशन लागू की जाए। ग्रामीण डाक सेवकों का टारगेट के नाम पर परेशानी और उत्पीड़न बंद किया जाए।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ खीरी मंडल के मंत्री चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन दिनों से ग्रामीण डाक सेवकों की चल रही हड़ताल के चलते जिले के करीब 250 ग्रामीण डाकघर बंद रहे। डाक के थैले बंधे पड़े रहे उन्हें उठाने वाला कोई नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में डाक वितरण और अन्य सेवाएं ठप हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ग्रामीण डाक सेवकों की मांग पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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धरना प्रदर्शन में आरती मिश्र, कल्पना देवी, आरती देवी, वसीम अहमद, धीरेंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद, बालकराम, अभिषेक त्रिवेदी, खलीक अहमद, कीर्तिलाल शर्मा, पहिदार राना, सुरेश चंद्र जायसवाल, विनोद पांडेय आदि डाक सेवक मौजूद रहे।
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प्रधान डाकघर पर ग्रामीण डाक सेवकों ने दिया धरना
आल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर जिले के करीब 350 ग्रामीण डाक सेवक शुक्रवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इससे ग्रामीण डाक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। जिले के ग्रामीण इलाके के करीब 250 उप डाकघरों में ताले लटके रहे। ग्रामीण डाक सेवकों ने प्रधान डाकघर के सामने धरना देते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीण डाक सेवक चार सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं। ग्रामीण डाक सेवकों की मांग है कि ग्रामीण डाक सेवक कमेटी की रिपोर्ट को एआईजीडीएसयू द्वारा दिए गए सुझावों के साथ जल्द लागू किया जाए। ग्रामीण डाक सेवकों को आठ घंटे कार्य और विभागीकरण किया जाए। ग्रामीण डाक सेवकों को पेंशन लागू की जाए। ग्रामीण डाक सेवकों का टारगेट के नाम पर परेशानी और उत्पीड़न बंद किया जाए।
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अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ खीरी मंडल के मंत्री चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन दिनों से ग्रामीण डाक सेवकों की चल रही हड़ताल के चलते जिले के करीब 250 ग्रामीण डाकघर बंद रहे। डाक के थैले बंधे पड़े रहे उन्हें उठाने वाला कोई नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में डाक वितरण और अन्य सेवाएं ठप हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ग्रामीण डाक सेवकों की मांग पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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धरना प्रदर्शन में आरती मिश्र, कल्पना देवी, आरती देवी, वसीम अहमद, धीरेंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद, बालकराम, अभिषेक त्रिवेदी, खलीक अहमद, कीर्तिलाल शर्मा, पहिदार राना, सुरेश चंद्र जायसवाल, विनोद पांडेय आदि डाक सेवक मौजूद रहे।