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राज्य कर्मचारियों ने शहर में निकाली मोटर साइकिल रैली
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 21 Dec 2015 06:24 PM IST
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पुरानी पेंशन बहाल करने सहित विभिन्न लंबित मांगों का निस्तारण न होने से नाराज राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सोमवार को शहर में मोटर साइकिल रैली निकाली। रैली के दौरान कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। मंगलवार से राज्य कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल करेंगे।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सैकड़ों राज्य कर्मचारियों ने संगठन के जिला अध्यक्ष महंत सिंह के नेेतृत्व में नसीरुद्दीन मेमोरियल हाल से मोटर साइकिल रैली निकाली। सरकार विरोध नारे लगाते हुए राज्य कर्मचारी नसीरुद्दीन मेमोरियल के मैदान पहुंचे।
यहां जिलाध्यक्ष महंत सिंह ने मांग की कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्ते प्रदान किए जाएं, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 15 लाख की जाए, वेतन समिति 2008 की संस्तुतियों को यथावत लागू किया जाए, समस्त ऐसे संवर्ग जिनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है उन्हें न्यूनतम ग्रेड वेतन 4600 दिया जाए, राज्य कर्मचारियों को 7, 14 और 20 वर्षों की कुल सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिया जाए।
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इनके सहित अन्य सभी लंबित मांगों के निस्तारण की मांग की गई। उन्होंने एलान किया कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समय से निस्तारण नहीं किया गया तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
इस क्रम में 22 और 23 दिसंबर को सभी कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल करेंगे। यदि 23 दिसंबर तक समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है तो 23 फरवरी को सभी राज्य कर्मचारी पूर्णकालिक हड़ताल पर चले जाएंगे। रैली में स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों के सैकड़ों कर्मचारी शामिल थे।
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प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सैकड़ों राज्य कर्मचारियों ने संगठन के जिला अध्यक्ष महंत सिंह के नेेतृत्व में नसीरुद्दीन मेमोरियल हाल से मोटर साइकिल रैली निकाली। सरकार विरोध नारे लगाते हुए राज्य कर्मचारी नसीरुद्दीन मेमोरियल के मैदान पहुंचे।
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यहां जिलाध्यक्ष महंत सिंह ने मांग की कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्ते प्रदान किए जाएं, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 15 लाख की जाए, वेतन समिति 2008 की संस्तुतियों को यथावत लागू किया जाए, समस्त ऐसे संवर्ग जिनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है उन्हें न्यूनतम ग्रेड वेतन 4600 दिया जाए, राज्य कर्मचारियों को 7, 14 और 20 वर्षों की कुल सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिया जाए।
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इनके सहित अन्य सभी लंबित मांगों के निस्तारण की मांग की गई। उन्होंने एलान किया कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समय से निस्तारण नहीं किया गया तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
इस क्रम में 22 और 23 दिसंबर को सभी कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल करेंगे। यदि 23 दिसंबर तक समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है तो 23 फरवरी को सभी राज्य कर्मचारी पूर्णकालिक हड़ताल पर चले जाएंगे। रैली में स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों के सैकड़ों कर्मचारी शामिल थे।