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सपा के पांच सीटों पर उम्मीदवार घोषित, इनमें चार पूर्व विधायक
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लखीमपुर खीरी। समाजवादी पार्टी ने जिले की आठ विधानसभा सीटों में से पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इनमें चार पूर्व विधायकों को टिकट दिया गया। जबकि, धौरहरा, कस्ता और मोहम्मदी विधान सभा सीटों पर सपा ने किसी प्रत्याशी का एलान नहीं किया है।
निघासन, गोला और श्रीनगर सीटों पर सपा ने पूर्व में विधायक रह चुके नेताओं पर दांव लगाया है। जबकि पलिया में पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रिपेंद्र पाल सिंह को टिकट दिया है। यह पहली बार विधानसभा चुनाव में उतर रहे हैं। निघासन से घोषित उम्मीदवार आरएस कुशवाहा कुछ माह पहले ही बसपा छोड़ कर सपा में शामिल हुए हैं। लखीमपुर से उत्कर्ष वर्मा और श्रीनगर से रामसरन इससे पहले इसी क्षेत्र से सपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं।
सपा ने लखीमपुर सदर से पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा, गोला से पूर्व विधायक विनय तिवारी, निघासन से आर एस कुशवाहा, श्रीनगर से पूर्व विधायक रामसरन और पलिया से पुराने सपाई प्रिपेंद्र पाल सिंह काकू को टिकट दिया है। अभी तक धौरहरा, कस्ता और मोहम्मदी क्षेत्र के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है। तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा न होने से तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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लखीमपुर- उत्कर्ष वर्मा
लखीमपुर से घोषित सपा उम्मीदवार उत्कर्ष वर्मा वर्ष 2010 में उपचुनाव जीत कर पहली बार विधायक बने थे। 2012 का भी चुनाव भी उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव जीता। 36 वर्षीय उत्कर्ष वर्मा 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए थे। इनके पहले इनके बाबा डॉ. कौशल किशोर वर्मा इसी विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे। विधायक रहते उनके निधन के बाद उत्कर्ष वर्मा को बाबा की राजनीति विरासत में मिली है।
गोलागोकर्णनाथ - विनय तिवारी
गोला से सपा प्रत्याशी विनय तिवारी पहली बार 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव जीते। 2017 के चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। 2012 के चुनाव में उन्होंने बसपा उम्मीदवार सिम्मी बानो को हराया था। जब कि 2017 के चुनाव में वह भाजपा उम्मीदवार अरविंद गिरि से पराजित हुए थे। इस बार भी उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के अरविंद गिरि से हो रहा है।
श्रीनगर- रामसरन
श्रीनगर से घोषित विधायक रामसरन 2012 में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। इससे पहले वह 1991 में पैला विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बने थे। इनके पिता नंगा राम भी पैला क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। एक बार वह जनता पार्टी के टिकट पर तो दूसरी लोकदल से चुनाव जीतकर विधायक बने थे।
निघासन-आरएस कुशवाहा
निघासन से सपा के उम्मीदवार आरएस कुशवाहा वर्ष 2002 में निघासन सीट से ही बसपा के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बने थे। इसके बाद वह छह साल एमएलसी भी रहे। कुछ माह पहले वह बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। अभी तक जिले में सपा के घोषित उम्मीदवारों में आरएस कुशवाहा ही ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्हें पार्टी बदलने के बाद सपा का टिकट दिया गया।
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निघासन, गोला और श्रीनगर सीटों पर सपा ने पूर्व में विधायक रह चुके नेताओं पर दांव लगाया है। जबकि पलिया में पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रिपेंद्र पाल सिंह को टिकट दिया है। यह पहली बार विधानसभा चुनाव में उतर रहे हैं। निघासन से घोषित उम्मीदवार आरएस कुशवाहा कुछ माह पहले ही बसपा छोड़ कर सपा में शामिल हुए हैं। लखीमपुर से उत्कर्ष वर्मा और श्रीनगर से रामसरन इससे पहले इसी क्षेत्र से सपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं।
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सपा ने लखीमपुर सदर से पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा, गोला से पूर्व विधायक विनय तिवारी, निघासन से आर एस कुशवाहा, श्रीनगर से पूर्व विधायक रामसरन और पलिया से पुराने सपाई प्रिपेंद्र पाल सिंह काकू को टिकट दिया है। अभी तक धौरहरा, कस्ता और मोहम्मदी क्षेत्र के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है। तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा न होने से तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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लखीमपुर- उत्कर्ष वर्मा
लखीमपुर से घोषित सपा उम्मीदवार उत्कर्ष वर्मा वर्ष 2010 में उपचुनाव जीत कर पहली बार विधायक बने थे। 2012 का भी चुनाव भी उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव जीता। 36 वर्षीय उत्कर्ष वर्मा 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए थे। इनके पहले इनके बाबा डॉ. कौशल किशोर वर्मा इसी विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे। विधायक रहते उनके निधन के बाद उत्कर्ष वर्मा को बाबा की राजनीति विरासत में मिली है।
गोलागोकर्णनाथ - विनय तिवारी
गोला से सपा प्रत्याशी विनय तिवारी पहली बार 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव जीते। 2017 के चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। 2012 के चुनाव में उन्होंने बसपा उम्मीदवार सिम्मी बानो को हराया था। जब कि 2017 के चुनाव में वह भाजपा उम्मीदवार अरविंद गिरि से पराजित हुए थे। इस बार भी उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के अरविंद गिरि से हो रहा है।
श्रीनगर- रामसरन
श्रीनगर से घोषित विधायक रामसरन 2012 में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। इससे पहले वह 1991 में पैला विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बने थे। इनके पिता नंगा राम भी पैला क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। एक बार वह जनता पार्टी के टिकट पर तो दूसरी लोकदल से चुनाव जीतकर विधायक बने थे।
निघासन-आरएस कुशवाहा
निघासन से सपा के उम्मीदवार आरएस कुशवाहा वर्ष 2002 में निघासन सीट से ही बसपा के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बने थे। इसके बाद वह छह साल एमएलसी भी रहे। कुछ माह पहले वह बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। अभी तक जिले में सपा के घोषित उम्मीदवारों में आरएस कुशवाहा ही ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्हें पार्टी बदलने के बाद सपा का टिकट दिया गया।