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बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी औषधि है आपका समय : सीएमएस
Thu, 02 Oct 2025 12:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 02 Oct 2025 12:45 AM IST
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जिला अस्पताल में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते सीएमएस डॉ. आरके कोली। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
लखीमपुर-खीरी। 35वें अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल के सभागार में गोष्ठी और हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम स्थानीय और वैश्विक कार्रवाई को संचालित करने वाले वृद्धजन हमारी आकांक्षाए, हमारा कल्याण और हमारे अधिकार विषय पर लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीएमएस डॉ. आरके कोली ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी सभी स्तरों पर महत्वपूर्ण है। वरिष्ठजनों की बात ध्यान से सुनें। उन्हें निर्णय में शामिल करें और समर्थन दें, ताकि उम्र भागीदारी में बाधा न बने। आपका समय वृद्धजनों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी औषधि है।
नोडल चिकित्सक डॉ. शिखर वाजपेयी ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर के अंगों की शक्ति क्षीण होती रहती है, जिससे चलने-फिरने, सुनाई देने तथा देखने की क्षमता कम हो जाती है। आजकल वृद्धजन जल्दी मौत के शिकार नहीं होते, बल्कि उम्र से जुड़ी लंबी बीमारियों के साथ जीते हैं। हमें याद रखना चाहिए कि वृद्धावस्था में कोई विशेष बीमारी नहीं होती, बल्कि वृद्धजनों में बीमारियां आम हैं। मन को कभी बूढ़ा नहीं होने देना चाहिए।
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गोष्ठी को दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. इंद्रेश रजावत, फिजियोथेरेपिस्ट मो. सईद, चिकित्सकीय सलाहकार डाॅ. शिशिर पाण्डेय, मनोचिकित्सक डाॅ. अखिलेश शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला एनसीडी सेल के एफएलसी विजय वर्मा, अभिषेक कश्यप व मयंक गौतम आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीएमएस डॉ. आरके कोली ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी सभी स्तरों पर महत्वपूर्ण है। वरिष्ठजनों की बात ध्यान से सुनें। उन्हें निर्णय में शामिल करें और समर्थन दें, ताकि उम्र भागीदारी में बाधा न बने। आपका समय वृद्धजनों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी औषधि है।
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नोडल चिकित्सक डॉ. शिखर वाजपेयी ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर के अंगों की शक्ति क्षीण होती रहती है, जिससे चलने-फिरने, सुनाई देने तथा देखने की क्षमता कम हो जाती है। आजकल वृद्धजन जल्दी मौत के शिकार नहीं होते, बल्कि उम्र से जुड़ी लंबी बीमारियों के साथ जीते हैं। हमें याद रखना चाहिए कि वृद्धावस्था में कोई विशेष बीमारी नहीं होती, बल्कि वृद्धजनों में बीमारियां आम हैं। मन को कभी बूढ़ा नहीं होने देना चाहिए।
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गोष्ठी को दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. इंद्रेश रजावत, फिजियोथेरेपिस्ट मो. सईद, चिकित्सकीय सलाहकार डाॅ. शिशिर पाण्डेय, मनोचिकित्सक डाॅ. अखिलेश शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला एनसीडी सेल के एफएलसी विजय वर्मा, अभिषेक कश्यप व मयंक गौतम आदि मौजूद रहे।