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बाघ बचाने के लिए अब दूसरे विली की जरूरत
पलियाकलां
Updated Fri, 01 Jan 2016 09:42 PM IST
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दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक पीपी सिंह ने जसवीरनगर में विली अर्जन सिंह की पुण्यतिथि पर कहा कि विली साहब को गए दुनिया से सात बरस हो गए हैं, लेकिन हमारी यादों और दुधवा के रोम-रोम में आज भी वो जिंदा हैं।
इस मौके पर हुई बाघ संरक्षण जागरूकता कार्यशाला में विली अर्जन सिंह को याद करने के लिए डिग्री कॉलेज के छात्रों के अलावा विधायक रोमी साहनी, वाइल्ड लाइफ प्रेमी केके मिश्रा और दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह के साथ शमिंदर बोपाराय मौजूद रहे। डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने कार्यशाला में अपनी और विली साहब की पहली मुलाक़ात से लेकर उनके साथ छूटने तक की बातों का जिक्र करते हुए बताया की विली साहब सिर्फ उनसे ही बात करने को तैयार होते थे जो जंगल और जानवर की बात करते थे। कार्यक्रम के आयोजक और वाइल्ड लाइफ प्रेमी शोमिंदर बोपराय ने यादों को ताजा करते हुए कहा कि विली साहब ने कहा था कि जंगल बचाओगे तो ये बाघ भी बचेंगे, उनका एक कौल था कि जो जंगल और जानवर के रास्ते बंद करेगा वो उनके बीच दीवार बनकर खड़े हो जाएंगे। आज मुझे वो दीवार आप लोगों में देखनी है। संचालन करते हुए दुधवा लाइव डॉट कॉम के संपादक और वाइल्ड लाइफ प्रेमी केके मिश्रा ने बिली की यादों से रूबरू कराया।
इधर, टाइगर हैवेन स्थित पद्मश्री विली अर्जन सिंह की समाधि पर हुए कार्यक्रम में बलराज, पुष्पेंद्र, कबीरगंज के प्रधान हरविंदर सिंह मान, हैप्पी सिंह, अवधेश, बबलू आदि तमाम वन्यजीव प्रेमी मौजूद रहे।
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इस मौके पर हुई बाघ संरक्षण जागरूकता कार्यशाला में विली अर्जन सिंह को याद करने के लिए डिग्री कॉलेज के छात्रों के अलावा विधायक रोमी साहनी, वाइल्ड लाइफ प्रेमी केके मिश्रा और दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह के साथ शमिंदर बोपाराय मौजूद रहे। डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने कार्यशाला में अपनी और विली साहब की पहली मुलाक़ात से लेकर उनके साथ छूटने तक की बातों का जिक्र करते हुए बताया की विली साहब सिर्फ उनसे ही बात करने को तैयार होते थे जो जंगल और जानवर की बात करते थे। कार्यक्रम के आयोजक और वाइल्ड लाइफ प्रेमी शोमिंदर बोपराय ने यादों को ताजा करते हुए कहा कि विली साहब ने कहा था कि जंगल बचाओगे तो ये बाघ भी बचेंगे, उनका एक कौल था कि जो जंगल और जानवर के रास्ते बंद करेगा वो उनके बीच दीवार बनकर खड़े हो जाएंगे। आज मुझे वो दीवार आप लोगों में देखनी है। संचालन करते हुए दुधवा लाइव डॉट कॉम के संपादक और वाइल्ड लाइफ प्रेमी केके मिश्रा ने बिली की यादों से रूबरू कराया।
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इधर, टाइगर हैवेन स्थित पद्मश्री विली अर्जन सिंह की समाधि पर हुए कार्यक्रम में बलराज, पुष्पेंद्र, कबीरगंज के प्रधान हरविंदर सिंह मान, हैप्पी सिंह, अवधेश, बबलू आदि तमाम वन्यजीव प्रेमी मौजूद रहे।
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