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कहीं संकट तो कहीं हो रही पानी की बर्बादी
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 21 Apr 2016 10:26 PM IST
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पृथ्वी दिवस
- फोटो : अमर उजाला
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पसगवां, मोहम्मदी, बेहजम सहित कई ब्लाकों का जलस्तर खिसका
शहर में अंधाधुंध दोहन कर की जा रही पानी की बर्बादी
तराई क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम सामने आने लगे हैं। कहीं सूखा पड़ा है तो कहीं भूगर्भ जल के धंधाधुंध दोहन से जल संकटा पैदा हो रहा है। हरियाली और जलस्त्रोतों से भरपूर खीरी जिले के पसगवां, मोहम्मदी, मितौली, बेहजम, समेत आधा दर्जन ब्लाकों का जलस्तर सामान्य से नीचे चला गया है। इससे इन क्षेत्रों में पानी की समस्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जल का दोहन कर जमकर पानी की बर्बादी की जा रही है।
शहर के गढ़ी रोड पर पेयजल सप्लाई के लिए बिछाई गई पाइप लाइन फट गई है इससे पाइप लाइन से पानी घरों में बहुत कम पहुंच रहा है। जबकि एक माह से टूटी पाइप लाइन के जरिए हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है। हालात यह है कि पाइप लाइन फटने के कारण पूरी सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लोगों को इससे दिक्कत हो रही है। लेकिन शिकायत करने के बावजूद न तो नगर पालिका और न ही जलनिगम की इस ओर ध्यान दे रही है। इसी तरह नौरंगाबाद में एक महीने पहले फटी नगर पालिका की पाइप लाइन से हजारों लीटर पानी सड़क पर बह चुका है फिर भी इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। उधर शहर के डीसी रोड पर वाहनों की धुलाई के लिए सर्विस सेंटर पानी का दोहन कर रहे हैं। जिसमें हजारों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है। पानी की बर्बादी के प्रति आम लोग भी जागरूक नहीं हैं। पेयजल के शहर में लगी टोटियां दिन भर खुली पड़ी रहती हैं। उससे पानी बहता रहता है लेकिन कोई इसे बंद करने की जरूरत नहीं समझता। गर्मियों में फर्श की धुलाई और तराई पर भी सैकड़ों लीटर पानी यूं ही बर्बाद हो जाता है। बारिश के पानी के संरक्षण के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है। इमारतों पर इमारतें बनती जा रही हैं लेकिन कोई भी वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति जागरूक नहीं है। ऐसा ही रहा तो कुछ वर्षों में यहां भी बुंदेलखंड जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
शहर में अंधाधुंध दोहन कर की जा रही पानी की बर्बादी
तराई क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम सामने आने लगे हैं। कहीं सूखा पड़ा है तो कहीं भूगर्भ जल के धंधाधुंध दोहन से जल संकटा पैदा हो रहा है। हरियाली और जलस्त्रोतों से भरपूर खीरी जिले के पसगवां, मोहम्मदी, मितौली, बेहजम, समेत आधा दर्जन ब्लाकों का जलस्तर सामान्य से नीचे चला गया है। इससे इन क्षेत्रों में पानी की समस्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जल का दोहन कर जमकर पानी की बर्बादी की जा रही है।
शहर के गढ़ी रोड पर पेयजल सप्लाई के लिए बिछाई गई पाइप लाइन फट गई है इससे पाइप लाइन से पानी घरों में बहुत कम पहुंच रहा है। जबकि एक माह से टूटी पाइप लाइन के जरिए हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है। हालात यह है कि पाइप लाइन फटने के कारण पूरी सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लोगों को इससे दिक्कत हो रही है। लेकिन शिकायत करने के बावजूद न तो नगर पालिका और न ही जलनिगम की इस ओर ध्यान दे रही है। इसी तरह नौरंगाबाद में एक महीने पहले फटी नगर पालिका की पाइप लाइन से हजारों लीटर पानी सड़क पर बह चुका है फिर भी इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। उधर शहर के डीसी रोड पर वाहनों की धुलाई के लिए सर्विस सेंटर पानी का दोहन कर रहे हैं। जिसमें हजारों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है। पानी की बर्बादी के प्रति आम लोग भी जागरूक नहीं हैं। पेयजल के शहर में लगी टोटियां दिन भर खुली पड़ी रहती हैं। उससे पानी बहता रहता है लेकिन कोई इसे बंद करने की जरूरत नहीं समझता। गर्मियों में फर्श की धुलाई और तराई पर भी सैकड़ों लीटर पानी यूं ही बर्बाद हो जाता है। बारिश के पानी के संरक्षण के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है। इमारतों पर इमारतें बनती जा रही हैं लेकिन कोई भी वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति जागरूक नहीं है। ऐसा ही रहा तो कुछ वर्षों में यहां भी बुंदेलखंड जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
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