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तो समय से पीछे रेंग रहा विकास का पहिया
अमित गुप्ता-लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 12 May 2016 10:36 PM IST
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लक्ष्य 21270 के सापेक्ष बने सिर्फ 2.65 फीसदी आवास
इंदिरा आवास योजना का हाल: दूसरी किस्त जारी करने में पिछड़े दर्जन भर ब्लाक
तेजी से बदल रहे विकास के मॉडल और हाईटेक होते दौर में खीरी पिछड़ रहा है। सरकारों के दावे भले ही लोगों को लुभा रहे हैं, लेकिन असल हकीकत इसके उलट है। जिले में विकास की रफ्तार इस कदर धीमी हो चुकी है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में 21270 इंदिरा आवास बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 2.65 फीसदी यानी 563 आवास पूर्ण हो सके हैं। 21269 लाभार्थियों को पहली किस्त जारी हो चुकी है, जबकि 9597 लाभार्थियों को दूसरी किस्त दी गई है।
बीपीएल परिवारों को आवास मुहैया कराने की योजना में लेट लतीफी लाभार्थियों पर भारी पड़ रही है, क्योंकि पिछले कई सालों में लक्ष्य के मुताबिक आवास नहीं बनाए जा सके हैैं। निर्माण में देरी और बढ़ती महंगाई से निश्चित धनराशि में आवास पूर्ण नहीं हो पाते हैं, जिसके मामले जांच में सामने आ चुके हैं। वर्ष 2015-16 में केंद्र सरकार ने 21270 इंदिरा आवास बनाने का लक्ष्य दिया था, जिसके सापेक्ष 21269 को पहली किस्त भी जारी की गई। इसके बाद दूसरी किस्त जारी करने में दर्जन भर ब्लाक पिछड़ गए हैैं, जिनकी फेहरिस्त में बिजुआ, धौरहरा, निघासन, लखीमपुर, नकहा, पलिया, ईसानगर, बेहजम, मोहम्मदी, पसगवां, रमियाबेहड़ और मितौली शामिल है। जबकि रैंक में बांकेगंज ने प्रथम, फूलबेहड़ ने द्वितीय और गोला ने तीसरे स्थान पर काबिज होकर लाज बचाई है। इसी तरह पूर्ण आवास की फेहरिस्त में ब्लाक मितौली पहले, रमियाबेहड़ दूसरे और बांकेगंज तीसरे स्थान पर है।
ब्लाकों में इतने बनाने हैैं आवास
लक्ष्य के मुताबिक बिजुआ में 1369, धौरहरा में 1192, निघासन में 2561, लखीमपुर में 1125, नकहा में 1267, पलिया में 1746, ईसानगर में 1501, बेहजम में 887, मोहम्मदी में 1057, फूलबेहड़ में 1129, गोला मेें 722, पसगवां में 1658, बांकेगंज में 957, रमियाबेहड़ में 2259 और मितौली में 1840 आवास बनाए जाने हैं।
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बिजुआ और धौरहरा में एक भी आवास पूर्ण नहीं
दो ब्लाकों बिजुआ और धौरहरा में अब एक भी आवास पूर्ण नहीं हो सका है। जबकि निघासन और लखीमपुर में दो-दो, नकहा में चार, पलिया और ईसानगर में 10-10, बेहजम में 12, मोहम्मदी में 15, फूलबेहड़ में 21, गोला में 15, पसगवां में 44, बांकेगंज में 56, रमियाबेहड़ में 155 और मितौली में 217 आवास पूर्ण हो चुके हैैं।
सभी ब्लाकों में बीडीओ और एनआरपी बाबू द्वारा संयुक्त खाता संचालन कर लाभार्थियों को सीधे किस्त जारी की जा रही है। बजट मिलने में देरी होने के चलते आवास निर्माण की गति प्रभावित हुई है। दिक्कतों को दूर कर आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए गए हैं।
-डॉ दिनेश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक
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इंदिरा आवास योजना का हाल: दूसरी किस्त जारी करने में पिछड़े दर्जन भर ब्लाक
तेजी से बदल रहे विकास के मॉडल और हाईटेक होते दौर में खीरी पिछड़ रहा है। सरकारों के दावे भले ही लोगों को लुभा रहे हैं, लेकिन असल हकीकत इसके उलट है। जिले में विकास की रफ्तार इस कदर धीमी हो चुकी है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में 21270 इंदिरा आवास बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 2.65 फीसदी यानी 563 आवास पूर्ण हो सके हैं। 21269 लाभार्थियों को पहली किस्त जारी हो चुकी है, जबकि 9597 लाभार्थियों को दूसरी किस्त दी गई है।
बीपीएल परिवारों को आवास मुहैया कराने की योजना में लेट लतीफी लाभार्थियों पर भारी पड़ रही है, क्योंकि पिछले कई सालों में लक्ष्य के मुताबिक आवास नहीं बनाए जा सके हैैं। निर्माण में देरी और बढ़ती महंगाई से निश्चित धनराशि में आवास पूर्ण नहीं हो पाते हैं, जिसके मामले जांच में सामने आ चुके हैं। वर्ष 2015-16 में केंद्र सरकार ने 21270 इंदिरा आवास बनाने का लक्ष्य दिया था, जिसके सापेक्ष 21269 को पहली किस्त भी जारी की गई। इसके बाद दूसरी किस्त जारी करने में दर्जन भर ब्लाक पिछड़ गए हैैं, जिनकी फेहरिस्त में बिजुआ, धौरहरा, निघासन, लखीमपुर, नकहा, पलिया, ईसानगर, बेहजम, मोहम्मदी, पसगवां, रमियाबेहड़ और मितौली शामिल है। जबकि रैंक में बांकेगंज ने प्रथम, फूलबेहड़ ने द्वितीय और गोला ने तीसरे स्थान पर काबिज होकर लाज बचाई है। इसी तरह पूर्ण आवास की फेहरिस्त में ब्लाक मितौली पहले, रमियाबेहड़ दूसरे और बांकेगंज तीसरे स्थान पर है।
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ब्लाकों में इतने बनाने हैैं आवास
लक्ष्य के मुताबिक बिजुआ में 1369, धौरहरा में 1192, निघासन में 2561, लखीमपुर में 1125, नकहा में 1267, पलिया में 1746, ईसानगर में 1501, बेहजम में 887, मोहम्मदी में 1057, फूलबेहड़ में 1129, गोला मेें 722, पसगवां में 1658, बांकेगंज में 957, रमियाबेहड़ में 2259 और मितौली में 1840 आवास बनाए जाने हैं।
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बिजुआ और धौरहरा में एक भी आवास पूर्ण नहीं
दो ब्लाकों बिजुआ और धौरहरा में अब एक भी आवास पूर्ण नहीं हो सका है। जबकि निघासन और लखीमपुर में दो-दो, नकहा में चार, पलिया और ईसानगर में 10-10, बेहजम में 12, मोहम्मदी में 15, फूलबेहड़ में 21, गोला में 15, पसगवां में 44, बांकेगंज में 56, रमियाबेहड़ में 155 और मितौली में 217 आवास पूर्ण हो चुके हैैं।
सभी ब्लाकों में बीडीओ और एनआरपी बाबू द्वारा संयुक्त खाता संचालन कर लाभार्थियों को सीधे किस्त जारी की जा रही है। बजट मिलने में देरी होने के चलते आवास निर्माण की गति प्रभावित हुई है। दिक्कतों को दूर कर आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए गए हैं।
-डॉ दिनेश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक