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बगहा गांव के छह घर घाघरा में समाए..20 जद में आए
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धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। घाघरा नदी के तेवर शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार रात बगहा गांव के छह घर नदी में समा गए, जबकि 20 घर नदी के कटान की जद में आ चुके हैं। बाढ़ खंड विभाग ने हाल ही में यहां 8.75 लाख की परियोजना के तहत कुछ काम भी कराया था, लेकिन यह परियोजना भी इस गांव को बचा न सकी।
बगहा गांव को बचाने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में बाढ़ खंड विभाग की 8.75 लाख की परियोजना मंजूर की थी, यहां बाढ़ खंड विभाग ने बंबू कैरेट और सीमेंट की बोरियां भरकर बचाव कार्य कराए लेकिन गांव को परियोजना का लाभ नहीं मिल सका। नतीजतन घाघरा नदी के इस बार भी उफनाते ही कटान शुरू कर दिया। अब तक घाघरा नदी रामनगर, बगहा, गोडियनपुरवा, लालापुर और गुलरिया तालुके अमेठी गांव की कृषि योग्य जमीन काट कर किसानों को भूमिहीन बना चुकी थी, मंगलवार को नदी ने गांव बगहा के पलकधारी, रामदीन, मोहनलाल, संतोष कुमार, सोनेलाल और मिश्रीलाल के घर भी निगल लिए तो नदी के कटान की जद में किशोरीलाल, शारदाप्रसाद, राजेंद्र, रामस्वरूप, दिनेश कुमार, मुनेजर, चुन्नूलाल, भगौती, लालता प्रसाद सहित 20 लोगों के घर आ चुके हैं। नदी यहां किसी भी समय इन घरों को निगल सकती है। इसके अलावा घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी, लालापुरवा, जंगल मटेरा, पोखरा, संतरामपुरवा, गनापुर और बाछेपारा गांव में भू कटान करती आगे बढ़ रही है। इसके अलावा रैनी गांव में भी शारदा नदी का कटान जारी है। इधर, बगहा गांव में कटान की सूचना पर पहुंचे एसडीएम एस सुधाकरन ने जेई बाढ़ खंड को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कटान पीड़ित परिवारों से मिले। उन्हें गृह अनुदान और मुख्यमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया। राशन किट भी देने के लिए राजस्व निरीक्षक को निर्देश दिए।
घाघरा नदी से कटान हो रहा है। बाढ़ खंड विभाग को बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांव वालों को नदी से 50 मीटर की दूरी पर जाने को कहा है। कटान पीड़ित परिवारों को गांव के स्कूल में रखा गया है। सभी को राशन किट दी जा रही है। गृह अनुदान और मुख्यमंत्री आवास भी दिए जाएंगे।
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-एस सुधाकरन एसडीएम, धौरहरा
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बगहा गांव को बचाने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में बाढ़ खंड विभाग की 8.75 लाख की परियोजना मंजूर की थी, यहां बाढ़ खंड विभाग ने बंबू कैरेट और सीमेंट की बोरियां भरकर बचाव कार्य कराए लेकिन गांव को परियोजना का लाभ नहीं मिल सका। नतीजतन घाघरा नदी के इस बार भी उफनाते ही कटान शुरू कर दिया। अब तक घाघरा नदी रामनगर, बगहा, गोडियनपुरवा, लालापुर और गुलरिया तालुके अमेठी गांव की कृषि योग्य जमीन काट कर किसानों को भूमिहीन बना चुकी थी, मंगलवार को नदी ने गांव बगहा के पलकधारी, रामदीन, मोहनलाल, संतोष कुमार, सोनेलाल और मिश्रीलाल के घर भी निगल लिए तो नदी के कटान की जद में किशोरीलाल, शारदाप्रसाद, राजेंद्र, रामस्वरूप, दिनेश कुमार, मुनेजर, चुन्नूलाल, भगौती, लालता प्रसाद सहित 20 लोगों के घर आ चुके हैं। नदी यहां किसी भी समय इन घरों को निगल सकती है। इसके अलावा घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी, लालापुरवा, जंगल मटेरा, पोखरा, संतरामपुरवा, गनापुर और बाछेपारा गांव में भू कटान करती आगे बढ़ रही है। इसके अलावा रैनी गांव में भी शारदा नदी का कटान जारी है। इधर, बगहा गांव में कटान की सूचना पर पहुंचे एसडीएम एस सुधाकरन ने जेई बाढ़ खंड को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कटान पीड़ित परिवारों से मिले। उन्हें गृह अनुदान और मुख्यमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया। राशन किट भी देने के लिए राजस्व निरीक्षक को निर्देश दिए।
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घाघरा नदी से कटान हो रहा है। बाढ़ खंड विभाग को बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांव वालों को नदी से 50 मीटर की दूरी पर जाने को कहा है। कटान पीड़ित परिवारों को गांव के स्कूल में रखा गया है। सभी को राशन किट दी जा रही है। गृह अनुदान और मुख्यमंत्री आवास भी दिए जाएंगे।
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-एस सुधाकरन एसडीएम, धौरहरा