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Lakhimpur Kheri News: एलआरपी पर बैठो, तभी लोगों को पता चलेगा कि हड़ताल है''
Thu, 06 Aug 2026 11:09 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:09 PM IST
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आरएम से वार्ता करते हुए अनुबंधित बस मालिक। संवाद
लखीमपुर खीरी। डग्गामार वाहनों के विरोध में अनुबंधित बसों का संचालन ठप होने से यात्रियों की परेशानी और बस संचालकों के नुकसान के बीच हरदोई परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) गौरव वर्मा बृहस्पतिवार को लखीमपुर पहुंचे।
एआरएम कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता के दौरान उन्होंने अनुबंधित बस संचालकों से कहा कि एलआरपी चौराहे पर बैठो, ताकि लोगों को भी पता चले कि हम हड़ताल पर हैं। इसके बाद बस संचालक एलआरपी चौराहे पर पहुंचे और नारेबाजी की। हालांकि उन्होंने वहां बसें नहीं खड़ी कीं।
रोडवेज अनुबंधित बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि जिले में धड़ल्ले से डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है, जिससे उनकी बसों को सवारियां नहीं मिल रहीं। कई बार परिवहन विभाग से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में तीन दिन से बसों का संचालन ठप कर धरना दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक डग्गामार बसों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं होगा, हड़ताल जारी रहेगी और रक्षाबंधन पर भी बसें नहीं चलेंगी।
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वार्ता के दौरान आरएम ने कहा कि इस हड़ताल से न पुलिस को दिक्कत है, न प्रशासन को। आप लोग ही परेशान हो रहे हैं। एलआरपी पर हड़ताल करो, ताकि लोगों को पता चले। जब डीएम को परेशानी होगी, तब वह भी सुनेंगे। आरएम के इस सुझाव पर विभागीय अधिकारी भी असहज नजर आए। इसके बाद बस संचालक एलआरपी चौराहे पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
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आरएम पर भड़के बस मालिक
बैठक के दौरान बस मालिकों ने आरएम से कहा कि हड़ताल से उन्हें रोजाना भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। आरोप है कि इस पर आरएम ने कहा कि यदि नुकसान हो रहा है तो अनुबंध खत्म कर लो। इस टिप्पणी पर बस मालिक नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों से रोडवेज के साथ जुड़े हैं और मुश्किल समय में अनुबंध खत्म करने की सलाह देना उचित नहीं है। इसके बाद वार्ता का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। बाद में आरएम ने शांत होकर बातचीत जारी रखी।
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डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। रोजाना आठ से दस वाहन सीज किए जा रहे हैं। एलआरपी चौराहे पर एक टीम भी तैनात कर दी गई है, जो अवैध संचालन पर नजर रखेगी।
-शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ
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हड़ताल से रोजाना करीब सात लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। मेरा प्रयास है कि जल्द हड़ताल खत्म हो। एआरटीओ से भी वार्ता हुई है। उन्होंने लखनऊ मार्ग पर अवैध संचालन रोकने का आश्वासन दिया है। शुक्रवार को डीएम से मिलने का समय मिला है। जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है। मैंने किसी को भी नहीं भड़काया। मेरा उद्देश्य केवल हड़ताल समाप्त कराना है।
-गौरव वर्मा, आरएम, हरदोई परिक्षेत्र
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एआरएम कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता के दौरान उन्होंने अनुबंधित बस संचालकों से कहा कि एलआरपी चौराहे पर बैठो, ताकि लोगों को भी पता चले कि हम हड़ताल पर हैं। इसके बाद बस संचालक एलआरपी चौराहे पर पहुंचे और नारेबाजी की। हालांकि उन्होंने वहां बसें नहीं खड़ी कीं।
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रोडवेज अनुबंधित बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि जिले में धड़ल्ले से डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है, जिससे उनकी बसों को सवारियां नहीं मिल रहीं। कई बार परिवहन विभाग से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में तीन दिन से बसों का संचालन ठप कर धरना दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक डग्गामार बसों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं होगा, हड़ताल जारी रहेगी और रक्षाबंधन पर भी बसें नहीं चलेंगी।
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वार्ता के दौरान आरएम ने कहा कि इस हड़ताल से न पुलिस को दिक्कत है, न प्रशासन को। आप लोग ही परेशान हो रहे हैं। एलआरपी पर हड़ताल करो, ताकि लोगों को पता चले। जब डीएम को परेशानी होगी, तब वह भी सुनेंगे। आरएम के इस सुझाव पर विभागीय अधिकारी भी असहज नजर आए। इसके बाद बस संचालक एलआरपी चौराहे पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
आरएम पर भड़के बस मालिक
बैठक के दौरान बस मालिकों ने आरएम से कहा कि हड़ताल से उन्हें रोजाना भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। आरोप है कि इस पर आरएम ने कहा कि यदि नुकसान हो रहा है तो अनुबंध खत्म कर लो। इस टिप्पणी पर बस मालिक नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों से रोडवेज के साथ जुड़े हैं और मुश्किल समय में अनुबंध खत्म करने की सलाह देना उचित नहीं है। इसके बाद वार्ता का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। बाद में आरएम ने शांत होकर बातचीत जारी रखी।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। रोजाना आठ से दस वाहन सीज किए जा रहे हैं। एलआरपी चौराहे पर एक टीम भी तैनात कर दी गई है, जो अवैध संचालन पर नजर रखेगी।
-शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ
हड़ताल से रोजाना करीब सात लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। मेरा प्रयास है कि जल्द हड़ताल खत्म हो। एआरटीओ से भी वार्ता हुई है। उन्होंने लखनऊ मार्ग पर अवैध संचालन रोकने का आश्वासन दिया है। शुक्रवार को डीएम से मिलने का समय मिला है। जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है। मैंने किसी को भी नहीं भड़काया। मेरा उद्देश्य केवल हड़ताल समाप्त कराना है।
-गौरव वर्मा, आरएम, हरदोई परिक्षेत्र