Lakhimpur Kheri: बहन की हत्या कर झाड़ियों में फेंका शव, एक महीने बाद खुला राज, आरोपी भाई गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी जिले में प्रेमी के साथ जाने की जिद करने पर युवती की उसके भाई ने हत्या कर दी। झांड़ियों में शव फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद घटना का खुलासा किया।
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लखीमपुर खीरी के शारदानगर में करीब एक माह पहले चकई पुल के पास अज्ञात युवती के मिले शव के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि प्रेमी के साथ जाने की जिद पर युवती के भाई प्रदीप ने धारदार औजार से युवती की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को आलाकत्ल के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया।
शारदानगर थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर को चकई पुल के निकट घाटमपुर मार्ग किनारे नाले के पास झाड़ियों में 22 वर्षीय युवती का शव पड़ा मिला था। शव कब्जे में लेकर शिनाख्त कराने की कोशिश की। मौके पर शिनाख्त नहीं हो सकी थी। तीन दिन तक मोर्चरी में शव रखा रहा। 72 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम कराया और फिर लावारिश में उसका अंतिम संस्कार करा दिया।
पिता ने की थी शिनाख्त
27 जनवरी को मृतका के पिता ने उसकी शिनाख्त की और हत्या का शक जाहिर किया। पुलिस ने युवती के भाई को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस की सख्ती देख वह टूट गया। पुलिस के मुताबिक युवती का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी भनक उसके भाई प्रदीप को लग गई थी। इसके बाद परिजन युवती को रिश्तेदारी के गांव तेलियार छोड़ आए थे।
आरोपी भाई 24 दिसंबर को बहाने से बहन को तेलियार लेने पहुंचा और साइकिल पर बिठाकर घर के लिए चला। शारदानगर चौराहे पर बगौड़ी (वजनदार हथियार) खरीदी। सूरज ढलने के इंतजार में जानबूझ कर वह देर करता रहा। शराब पी और अंधेरा होने पर बगौड़ी से बहन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। शव नाले के किनारे फेंककर घर चला गया।
खुलासे पर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं
ग्रामीणों में चर्चा है कि जिस जगह युवती की लाश मिली, वहां से उसके गांव की कोई खास दूरी नहीं है। बावजूद कई दिनों तक शव की शिनाख्त न होने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। पुलिस को अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कराना पड़ा। शव की हालत और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस को उलझा दिया था। पुलिस के मुताबिक उस वक्त किसी युवती के लापता होने की सूचना भी नहीं थी। ऐसे में लोगों में सवाल है कि मौत का राज खुलने में आखिर इतने दिन क्यों लगे।