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हिंदी सप्ताह के समापन पर श्रीकांत शुक्ल हुए सम्मानित
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 21 Sep 2015 06:08 PM IST
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नागरी प्रचारिणी सभा काशी से संबद्ध राष्ट्र भाषा सेवा समिति के तत्वावधान में हिंदी सप्ताह के अंतर्गत सुलेख और हिंदी प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सप्ताह के समापन पर जिले के जाने माने कवि और कथाकार श्रीकांत शुक्ला को शाल और अभिनंदनपत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सुलेख और हिंदी प्रतिभा खोज के प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया।
समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. दयानंद शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मयंक मोहन दीक्षित ने वाणी वंदना पेश की। विदुषी ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर सुलेख प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले क्रमश: आर्यन, पंछी श्रीवास्तव और अंशिका तिवारी को पुरस्कृत किया गया। हिंदी प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में देवेंद्र प्रताप सिंह प्रथम, प्रकेश पांडेय द्वितीय स्थान पर रहे। वरिष्ठ वर्ग में जीशान अहमद प्रथम, श्रद्धा मिश्रा द्वितीय स्थान पर रहे। इन्हें भी पुरस्कृत किया गया। डॉ. अनिल त्रिपाठी ने अपने विचार रखे। माधव प्रसाद चतुर्वेदी ने गीत पेश किया। साहित्यकार श्रीकांत शुक्ल ने कहा सर्जना स्वयं में पुरस्कार एवं उपलब्धि है।
मुख्य वक्ता डॉ. दयानंद शुक्ला ने कहा हिंदी निरंतर आगे बढ़ेगी। कार्यक्रम में रमेश चंद्र शर्मा, विजय गुप्ता, शिवकांत मिश्र, सत्य प्रकाश शिक्षक, राजकुमार त्रिवेदी, अजय शुक्ल, शरद श्रीवास्तव, यज्ञदत्त मिश्र, सुशील बाबू, राकेश श्रीवास्तव, संजीव त्रिवेदी, राम आसरे, ज्ञानेंद्र सक्सेना, राजेश दीक्षित, रघुवंश कुमार, वीरेंद्र मिश्र, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कृष्णा चंद्रशेखरन ने किया।
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समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. दयानंद शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मयंक मोहन दीक्षित ने वाणी वंदना पेश की। विदुषी ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर सुलेख प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले क्रमश: आर्यन, पंछी श्रीवास्तव और अंशिका तिवारी को पुरस्कृत किया गया। हिंदी प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में देवेंद्र प्रताप सिंह प्रथम, प्रकेश पांडेय द्वितीय स्थान पर रहे। वरिष्ठ वर्ग में जीशान अहमद प्रथम, श्रद्धा मिश्रा द्वितीय स्थान पर रहे। इन्हें भी पुरस्कृत किया गया। डॉ. अनिल त्रिपाठी ने अपने विचार रखे। माधव प्रसाद चतुर्वेदी ने गीत पेश किया। साहित्यकार श्रीकांत शुक्ल ने कहा सर्जना स्वयं में पुरस्कार एवं उपलब्धि है।
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मुख्य वक्ता डॉ. दयानंद शुक्ला ने कहा हिंदी निरंतर आगे बढ़ेगी। कार्यक्रम में रमेश चंद्र शर्मा, विजय गुप्ता, शिवकांत मिश्र, सत्य प्रकाश शिक्षक, राजकुमार त्रिवेदी, अजय शुक्ल, शरद श्रीवास्तव, यज्ञदत्त मिश्र, सुशील बाबू, राकेश श्रीवास्तव, संजीव त्रिवेदी, राम आसरे, ज्ञानेंद्र सक्सेना, राजेश दीक्षित, रघुवंश कुमार, वीरेंद्र मिश्र, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कृष्णा चंद्रशेखरन ने किया।
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