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कुर्सी के लिए उलझीं बेनजीर और आसमां
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 01 Apr 2015 10:06 PM IST
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राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. बेनजीर उमर और आसमां सिद्दीकी के बीच बुधवार को कलेक्ट्रेट में अध्यक्षीय कुर्सी के लिए जमकर बहस हुई। विवाद तब हुआ जब महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की सुनवाई चल रही थी और डॉ. बेनजीर अध्यक्षीय कुर्सी पर बैठकर सुनवाई कर रही थीं। आसामं सिद्दीकी ने उन्हें उनका कार्यकाल खत्म होने का हवाला देते हुए कुर्सी से हटने के लिए कहा तो डॉ. बेनजीर ने मना कर दिया। बाद में नाराज होकर आसमां सिद्दीकी चली गईं। उन्होंने कहा कि डॉ. बेनजीर का कार्यकाल खत्म हो चुका है, फिर भी वह मनमानी कर रही हैं। वह यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगी।
माह के पहले बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. बेनजीर उमर और आसमां सिद्दीकी महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी शिकायतें सुनती रही हैं। आसमां सिद्दीकी के अनुसार डॉ. बेनजीर उमर का कार्यकाल मार्च 2015 में खत्म हो गया है। इसके बावजूद बुधवार को डॉ. बेनजीर उमर पीड़ित महिलाओं की सुनवाई करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार जा पहुंची और अध्यक्षीय कुर्सी संभालकर सुनवाई शुरू कर दी।
बकौल आसमां, जब वह सभागार में पहुंचीं तो डॉ. बेनजीर से कुर्सी खाली करने को कहा। बात यहीं से बिगड़ी और इस बात को लेकर डॉ. बेनजीर उमर और आसमां सिद्दीकी के बीच कुछ देर तक नोकझाेंक हुई। इससे क्षुब्ध होकर आसमां सिद्दीकी वहां से चली गईं। उन्होंने एडीएम हरिकेश चौरसिया और एसपी अरविंद सेन से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
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डॉ. बेनजीर उमर ने करीब 300 महिलाओं की शिकायतें सुनीं और उनके निदान के लिए संबंधित अधिकारियों से निस्तारण को कहा, लेकिन किसी भी प्रार्थनापत्र पर लिखित निर्देश जारी नहीं किया। माना जा रहा है कि राज्य महिला आयोग सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है, इसलिए उन्होंने किसी प्रार्थनापत्र पर कोई लिखित निर्देश जारी नहीं किया। सुनवाई के दौरान डॉ. बेनजीर उमर के अलावा रूपम तिवारी, कुसुम गुप्ता, राधा गुप्ता और मितौली की सीओ मिथलेश कुमारी मौजूद रहीं।
आमने-सामने
डॉ. बेनजीर उमर को सुनवाई का अधिकार नहीं
डॉ. बेनजीर उमर का राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में कार्यकाल खत्म हो चुका है इसलिए उन्हें सुनवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पहले पहुंचकर अध्यक्ष की कुर्सी पर जबरन कब्जा कर सुनवाई की जो गलत है। उनकी सुनवाई भी अवैध है।
-आसमां सिद्दीकी, सदस्य राज्य महिला आयोग
मुझे सुनवाई के लिए बुलाया गया था
मुझे पहले की तरह पीड़ित महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई करने के लिए आमंत्रित किया गया था। राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में मेरा नवीनीकरण प्रस्तावित है। डीएम का पत्र पाकर मैं यहां सुनवाई के लिए आई थी। मुझे सुनवाई की अध्यक्षता करने का पूरा हक है।
-डॉ. बेनजीर उमर
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माह के पहले बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. बेनजीर उमर और आसमां सिद्दीकी महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी शिकायतें सुनती रही हैं। आसमां सिद्दीकी के अनुसार डॉ. बेनजीर उमर का कार्यकाल मार्च 2015 में खत्म हो गया है। इसके बावजूद बुधवार को डॉ. बेनजीर उमर पीड़ित महिलाओं की सुनवाई करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार जा पहुंची और अध्यक्षीय कुर्सी संभालकर सुनवाई शुरू कर दी।
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बकौल आसमां, जब वह सभागार में पहुंचीं तो डॉ. बेनजीर से कुर्सी खाली करने को कहा। बात यहीं से बिगड़ी और इस बात को लेकर डॉ. बेनजीर उमर और आसमां सिद्दीकी के बीच कुछ देर तक नोकझाेंक हुई। इससे क्षुब्ध होकर आसमां सिद्दीकी वहां से चली गईं। उन्होंने एडीएम हरिकेश चौरसिया और एसपी अरविंद सेन से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
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डॉ. बेनजीर उमर ने करीब 300 महिलाओं की शिकायतें सुनीं और उनके निदान के लिए संबंधित अधिकारियों से निस्तारण को कहा, लेकिन किसी भी प्रार्थनापत्र पर लिखित निर्देश जारी नहीं किया। माना जा रहा है कि राज्य महिला आयोग सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है, इसलिए उन्होंने किसी प्रार्थनापत्र पर कोई लिखित निर्देश जारी नहीं किया। सुनवाई के दौरान डॉ. बेनजीर उमर के अलावा रूपम तिवारी, कुसुम गुप्ता, राधा गुप्ता और मितौली की सीओ मिथलेश कुमारी मौजूद रहीं।
आमने-सामने
डॉ. बेनजीर उमर को सुनवाई का अधिकार नहीं
डॉ. बेनजीर उमर का राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में कार्यकाल खत्म हो चुका है इसलिए उन्हें सुनवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पहले पहुंचकर अध्यक्ष की कुर्सी पर जबरन कब्जा कर सुनवाई की जो गलत है। उनकी सुनवाई भी अवैध है।
-आसमां सिद्दीकी, सदस्य राज्य महिला आयोग
मुझे सुनवाई के लिए बुलाया गया था
मुझे पहले की तरह पीड़ित महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई करने के लिए आमंत्रित किया गया था। राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में मेरा नवीनीकरण प्रस्तावित है। डीएम का पत्र पाकर मैं यहां सुनवाई के लिए आई थी। मुझे सुनवाई की अध्यक्षता करने का पूरा हक है।
-डॉ. बेनजीर उमर