{"_id":"5f185b7e8ebc3e9fb41b3f5c","slug":"sharda-river-lakhimpur-news-bly413631723","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा नदी घटी, लेकिन अब भी खतरे के निशान से ऊपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा नदी घटी, लेकिन अब भी खतरे के निशान से ऊपर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था लेकिन बुधवार को नदी ने नरम तेवर अख्तियार कर लिया है। जिसके कारण नदी का जलस्तर घटा है लेकिन अब भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर है। हालांकि अभी किसी गांव में बाढ़ का खतरा नहीं है लेकिन उसके बाद भी ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
बता दें कि शारदा नदी का जलस्तर दो दिनों से लगातार बढ़ रहा था। नदी रविवार को जहां खतरे के निशान से ऊपर 47 सेमी पर बह रही थी। वहीं मंगलवार को नदी का जलस्तर बढ़ गया और खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर पहुंच गया लेकिन उसके बाद नदी का जलस्तर कम होने लगा है। जिससे आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जल आयोग के राकेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान 154.100 से 24 सेमी ऊपर 154.340 सेमी था। हालांकि अभी कोई बाढ़ का खतरा नहीं है लेकिन उसके बाद भी नदी लगातार घट व बढ़ रही है। जिसके चलते लोगों को सतर्कता बरतनी पड़ेगी। उधर नदी के लगातार घटते व बढ़ते जलस्तर से निचले गांवों के ग्रामीणों में अफरातफरी है।
मिलपुरवा-गूम मार्ग पर बहने लगा बाढ़ का पानी
महेवागंज-सुंदरवल फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी उफान पर है। नदी के उफनाने से फसलें पानी से डूब गईं हैं, गांवों के संपर्क मार्ग पर घुटनों तक पानी चलने लगा है।
विज्ञापन
बुधवार सुबह शारदा नदी का पानी तटबंध के किनारे तक पहुंच गया। मीलपुरवा-गूम मुख्य मार्ग के पास सड़क पर पानी चलने लगा। बाढ़ के पानी में खेतों में खड़ी धान, गन्ने की फसल और पहलेज डूब गई। परवल की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। गूम, मंगलीपुरवा, टापरपुरवा,लगड़ीपुर, खगईपुरवा, बड़ागांव, मेहदी, बहालीपुरवा सहित दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। रास्तों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। पैदल या नाव से लोग निकल रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
बता दें कि शारदा नदी का जलस्तर दो दिनों से लगातार बढ़ रहा था। नदी रविवार को जहां खतरे के निशान से ऊपर 47 सेमी पर बह रही थी। वहीं मंगलवार को नदी का जलस्तर बढ़ गया और खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर पहुंच गया लेकिन उसके बाद नदी का जलस्तर कम होने लगा है। जिससे आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जल आयोग के राकेश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान 154.100 से 24 सेमी ऊपर 154.340 सेमी था। हालांकि अभी कोई बाढ़ का खतरा नहीं है लेकिन उसके बाद भी नदी लगातार घट व बढ़ रही है। जिसके चलते लोगों को सतर्कता बरतनी पड़ेगी। उधर नदी के लगातार घटते व बढ़ते जलस्तर से निचले गांवों के ग्रामीणों में अफरातफरी है।
विज्ञापन
मिलपुरवा-गूम मार्ग पर बहने लगा बाढ़ का पानी
महेवागंज-सुंदरवल फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी उफान पर है। नदी के उफनाने से फसलें पानी से डूब गईं हैं, गांवों के संपर्क मार्ग पर घुटनों तक पानी चलने लगा है।
विज्ञापन
बुधवार सुबह शारदा नदी का पानी तटबंध के किनारे तक पहुंच गया। मीलपुरवा-गूम मुख्य मार्ग के पास सड़क पर पानी चलने लगा। बाढ़ के पानी में खेतों में खड़ी धान, गन्ने की फसल और पहलेज डूब गई। परवल की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। गूम, मंगलीपुरवा, टापरपुरवा,लगड़ीपुर, खगईपुरवा, बड़ागांव, मेहदी, बहालीपुरवा सहित दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। रास्तों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। पैदल या नाव से लोग निकल रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।