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79 सेमी खतरे के निशान से ऊपर पहुंची शारदा, खतरा बढ़ा

Thu, 13 Aug 2020 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 12:28 AM IST
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Sharda rises above 79 cm danger mark, threat increases
पलिया शारदा नदी किनारे श्रीनगर गांव की ओर बढ़ता नदी का पानी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का असर शारदा नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर बीते तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा है और वह खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी अब श्रीनगर गांव की ओर बढ़ने लगा है। ऊंचे स्थान पर नदी किनारे मंदिर के सामने बना स्नानघर भी आधा नदी में डूब गया है तो वहां रखे खोखे भी नदी में समाने लगे हैं। नगला रोड पर दो फुट पानी चलने लगा है, हालांकि अभी शहर की सीमा में पानी ने प्रवेश नहीं किया है।
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पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। इलाके में भी रुक-रुक कर हो रही वर्षा का असर बीते तीन-चार दिनों से नदी पर दिखाई दे रहा है। शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे आसपास के गांवों में हड़कंप मचा हुआ है। जल आयोग के जेई दुर्गेश कुमार ने बताया कि बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर सुबह 11 बजे खतरे के निशान से 78 सेमी ऊपर था। दोपहर तीन बजे तक शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेमी से 79 सेमी ऊपर 154.890 सेमी पर पहुंच गया। नदी में पानी की वृद्धि से किनारे मंदिर के सामने ऊंचे स्थान पर बना स्नानघर भी आधा डूब गया है तो श्रीनगर गांव की ओर बनाए गए क्रास पिलर भी आधे डूब गए हैं। उधर चीनी मिल के सामने से नगला गांव की ओर जाने वाले रोड पर दो फुट तक पानी बह रहा है।
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बरूआ कलां और जंगल नंबर सात में कटान तेज
बढ़ते जलस्तर के कारण बरूआ कलां में गन्ने की काफी फसल को नदी अपने आगोश में ले चुकी है और लगातार जमीन को काट भी रही है। उधर जंगल नंबर सात में भी नदी ने कटान तेज कर दिया है। जिससे छंगाटांडा, जगन्नाथ टांडा, ढकिया खुर्द के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गईं हैं।
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मोहाना नदी का बंधा फटा, 50 से अधिक गांवों में भरा पानी
बेलरायां। गुलरिया घाट के पास मोहाना नदी पर बना बंधा टूट गया। इससे गोवर्धनपुरवा, बदालपुरवा,रघुनगर, कडिय़ा, डांगा, परतापपुरवा, बघईया, महारजनगर, लालापुरवा, भेड़ोरी, फरेंदा, गुलरिया पत्थर शाह, कुल्हारी सहित करीब 50 गांवो में बाढ़ का पानी भर गया है। गुलरिया के ग्रामप्रधान जगदीप सिंह जग्गा,काला सिंह, जोगा सिंह, मेहर सिंह आदि ने कारसेवा कर टूटे बंधे को ठीक कराया। इससे इलाके के लोगों को कुछ राहत मिली है। संवाद
बिजुआ ब्लॉक के गांवों में भर गया पानी, ग्रामीण परेशान
गुलरिया। बिजुआ ब्लॉक के गांवों में शारदा नदी का पानी घुस गया। ग्राम पंचायत सूरजपुर, जंगल नंबर सात, फत्तेटांडा, जगन्नाथ टांडा, जमुनहा, देशराज टांडा, ढकिया आदि गांवों में अखिलेश, रुस्तम पाल, काशीराम, राममिलन, देवकी,रीना देवी, राजेंद्र सिंह, डालसिंह, जगदीश आदि के घरों में पानी भर गया है। इससे घरों में रखा कपड़ा, राशन, चारा, भूसा भीग गया है। संवाद
विधायक, डीएम और अधिकारियों ने देखा बाढ़ कटान
गोला गोकर्णनाथ। गोला विधानसभा के अंतर्गत ब्लॉक बिजुआ के मेहंदी, जौहरा, करसौर, कोरियानी, रेवतीपुरवा, डंबल टांडा, रमेश्वरापुर, बझेड़ा तक विधायक अरविंद गिरि, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम अखिलेश यादव, एक्सियन राजीव कुमार आदि ने बाढ़, कटान, पूर्व निर्मित परियोजनाओं को सुरक्षित करने के लिए स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ रोकने के उपायों पर गहन मंथन किया।
जनपद की बाढ़, कटान की ज्वलंत समस्या को लेकर आंदोलित रहे विधायक अरविंद गिरि ने रेवतीपुरवा से मेहंदी तक पुन: बाढ़ की विभीषिका पर चिंता जाहिर की और रोष व्यक्त किया। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़, कटान से बचाव के लिए हर संभव मदद और पीड़ितों की पूर्णरूप सहायता करें। इस मौके पर वेदप्रकाश दीक्षित, प्रभाकर शर्मा, विधायक प्रतिनिधि जवाहर वर्मा, बिग्गी सिंह, पप्पू सिंह, बझेड़ा के प्रधान मौजूद रहे।
बाढ़ पीड़ित के घर में पहुंचा मगरमच्छ तो मची खलबली
धौरहरा/ईसानगर। क्षेत्र के बाढग़्रस्त गांव ओझापुरवा में बाढ़ के पानी के साथ पहुंचा मगरमच्छ बृह्मादीन यादव के घर में घुस गया, जिससे खलबली मच गई। बाद में वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को नदी में छोड़ दिया। इधर, ईसानगर क्षेत्र में उफनाई घाघरा नदी का पानी ओझापुरवा, बंशीबेली, बनटुकरा, संतरामपुरवा, कैरातीपुरवा, चकदहा, जंगलमटेरा सहित दर्जनों गांवों में भर गया है। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि बनवसा डैम से मंगलवार दो लाख 56 हजार क्यूसेक पानी पास किया गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग की टीम तैनात है, जो बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रही हैं। लोगों को दवाएं भी बांटी जा रहीं हैं।
मोहाना नदी उफनाई, उपकेंद्र में भी घुसा पानी
तिकुनियां। नेपाल से आई मोहाना नदी का कहर जारी है। नदी का पानी तिकुनियां के चौराहा रोड पर भी भरने लगा है, जिसके चलते विद्युत उपकेंद्र में भी पानी घुस गया है। इससे बिजली विभाग ने तीन फीडर क्षेत्रों की सप्लाई बंद कर दी है।

गंगानगर, रननगर, इंदिरानगर, जनकपुर कौड़ियाला के बाढ़ पीड़ित इधर-उधर के गांवों में रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। बाढ़ का पानी तिकुनियां-बेलरायां रोड के किनारे खेतों में भी भर गया है। प्रभारी निरीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया कि ग्राम गंगानगर में डॉक्टर फार्म के कुलवंत कौर, करमजीत सिंह के घर का सामान ट्रैक्टर ट्रॉली से निकलवाया गया है। इधर, एसडीएम ओपी गुप्ता ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पानी भरा है वहां फंसे लोगों को ट्रैक्टर ट्रॉली से निकालने की व्यवस्था की जा रही है। संवाद
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