{"_id":"668b29c6286041ebbd0a06f4","slug":"sharda-ghaghra-water-level-increased-water-entered-more-than-30-villages-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1001-124081-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: शारदा-घाघरा का जलस्तर बढ़ा, 30 से अधिक गांवों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: शारदा-घाघरा का जलस्तर बढ़ा, 30 से अधिक गांवों में घुसा पानी
Mon, 08 Jul 2024 05:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 08 Jul 2024 05:20 AM IST
विज्ञापन
धोबियाना में एक दूजे की मदद कर छप्पर हटाते ग्रामीण।
लखीमपुर खीरी। जिले में लगातार हो रही बारिश से शारदा, घाघरा और मोहाना नदी उफना गई हैं। नदियों का पानी धौरहरा, भीरा, फूलबेहड़ क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से नदियों के तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
करीब 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश के चलते घाघरा नदी का पानी धौरहरा क्षेत्र के रामलोक, स्वर्गलाेक, परसा, गौढी, बेलागढी, गनापुर, मिलिक, ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, माझासुमाली, मिर्जापुर, डुडकी, फिरोजाबाद, चकदहा आदि 20 से अधिक गांवों में भरना शुरू हो गया है। डीएम के निर्देश पर धौरहरा एसडीएम राजेश कुमार ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया।
बाढ़ राहत केंद्र ऊंचगांव, जसवंतनगर, चकलाखीपुर, हसनपुर कटौली, रमियाबेहड़ और जटपुरवा पहुंचकर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार को सतर्क रहने की हिदायत दी है। हालत पर नजर रखने को कहा। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को ऊंचे स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। राजस्व निरीक्षक, लेखपालों और नायब तहसीलदार को नाविकों के साथ गांवों की निगरानी में लगाया गया है। सात सुरक्षा और पांच बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। मुख्य बाढ़ चौकी तहसील मुख्यालय के अलावा चकलाखीपुर, हसनपुर कटौली, ऊचगांव, जसवंतनगर, रमिबेहड़ बाढ़ चौकियों पर हर समय राजस्व टीम पुलिस और स्वास्थ्य टीम मुस्तैद है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- --
फोटो: 15, 16, 17
बनबसा से छोड़े गए पानी से गांवों में बाढ़ की आशंका
जलस्तर बढ़ने से धोबियाना के पास कटान धीमा, इक्का-दुक्का लोग भी खाली कर रहे गांव
महेवागंज/फूलबेहड़। बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से फूलबेहड़ में शारदा नदी उफना गई है। इससे कई गांवों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। वहीं, पानी बढ़ने से धोबियाना के पास हो रहे भू-कटान की गति धीमी पड़ गई है। इससे ग्रामीणों को गांव से निकलने में कुछ राहत मिली है। रविवार को एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। धोबियाना में इक्का-दुक्का बचे लोगों से गांव छोड़ने की गुजारिश की। गांव का इकलौता मार्ग कटान में समा चुका है। लोग खेतों से होकर निकल रहे है। ग्रामीणों का मानना है कि शंकरपुरवा और धोबियाना के बीच स्थित सुतिया नाला में नदी की धार से पहुंचने से गांव बाढ़ में घिर सकता है। तीन दिनों से हो रही बारिश से सामान ले जाने में मुश्किल हो रही है। रविवार को भी एक दूसरे की मदद कर लोग छप्पर हटाते रहे। संवाद
तो अन्य गांव भी बनेंगे टापू
बनबसा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से खगईपुरवा, बेचे पुरवा, रंडाउहा, बड़ागांव, बसहा, लंगड़ीपुर, गूम, बहालीपुरवा, मेहंदी, बाबापुरवा, खांभी सहित 45 गांव के लोगों की नींद उड़ गई। इन गांव के निचले हिस्से और मिलपुरवा तटबंध में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। पानी बढ़ता देख ग्रामीण ऊंची जगहों पर रहने के लिए जगह तलाशने लगे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन:
नदी के जल स्तर में इजाफा हुआ है। गांव के लोगो को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन भी लगातार मूवमेंट पर है। खतरे को देख धोबियाना के लोगों को जल्द गांव छोड़ने को कहा जा रहा है। -सुशील प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर
विज्ञापन
करीब 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश के चलते घाघरा नदी का पानी धौरहरा क्षेत्र के रामलोक, स्वर्गलाेक, परसा, गौढी, बेलागढी, गनापुर, मिलिक, ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, माझासुमाली, मिर्जापुर, डुडकी, फिरोजाबाद, चकदहा आदि 20 से अधिक गांवों में भरना शुरू हो गया है। डीएम के निर्देश पर धौरहरा एसडीएम राजेश कुमार ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया।
विज्ञापन
बाढ़ राहत केंद्र ऊंचगांव, जसवंतनगर, चकलाखीपुर, हसनपुर कटौली, रमियाबेहड़ और जटपुरवा पहुंचकर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार को सतर्क रहने की हिदायत दी है। हालत पर नजर रखने को कहा। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को ऊंचे स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। राजस्व निरीक्षक, लेखपालों और नायब तहसीलदार को नाविकों के साथ गांवों की निगरानी में लगाया गया है। सात सुरक्षा और पांच बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। मुख्य बाढ़ चौकी तहसील मुख्यालय के अलावा चकलाखीपुर, हसनपुर कटौली, ऊचगांव, जसवंतनगर, रमिबेहड़ बाढ़ चौकियों पर हर समय राजस्व टीम पुलिस और स्वास्थ्य टीम मुस्तैद है।
विज्ञापन
फोटो: 15, 16, 17
बनबसा से छोड़े गए पानी से गांवों में बाढ़ की आशंका
जलस्तर बढ़ने से धोबियाना के पास कटान धीमा, इक्का-दुक्का लोग भी खाली कर रहे गांव
महेवागंज/फूलबेहड़। बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से फूलबेहड़ में शारदा नदी उफना गई है। इससे कई गांवों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। वहीं, पानी बढ़ने से धोबियाना के पास हो रहे भू-कटान की गति धीमी पड़ गई है। इससे ग्रामीणों को गांव से निकलने में कुछ राहत मिली है। रविवार को एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। धोबियाना में इक्का-दुक्का बचे लोगों से गांव छोड़ने की गुजारिश की। गांव का इकलौता मार्ग कटान में समा चुका है। लोग खेतों से होकर निकल रहे है। ग्रामीणों का मानना है कि शंकरपुरवा और धोबियाना के बीच स्थित सुतिया नाला में नदी की धार से पहुंचने से गांव बाढ़ में घिर सकता है। तीन दिनों से हो रही बारिश से सामान ले जाने में मुश्किल हो रही है। रविवार को भी एक दूसरे की मदद कर लोग छप्पर हटाते रहे। संवाद
तो अन्य गांव भी बनेंगे टापू
बनबसा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से खगईपुरवा, बेचे पुरवा, रंडाउहा, बड़ागांव, बसहा, लंगड़ीपुर, गूम, बहालीपुरवा, मेहंदी, बाबापुरवा, खांभी सहित 45 गांव के लोगों की नींद उड़ गई। इन गांव के निचले हिस्से और मिलपुरवा तटबंध में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। पानी बढ़ता देख ग्रामीण ऊंची जगहों पर रहने के लिए जगह तलाशने लगे हैं।
वर्जन:
नदी के जल स्तर में इजाफा हुआ है। गांव के लोगो को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन भी लगातार मूवमेंट पर है। खतरे को देख धोबियाना के लोगों को जल्द गांव छोड़ने को कहा जा रहा है। -सुशील प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर

धोबियाना में एक दूजे की मदद कर छप्पर हटाते ग्रामीण।

धोबियाना में एक दूजे की मदद कर छप्पर हटाते ग्रामीण।

धोबियाना में एक दूजे की मदद कर छप्पर हटाते ग्रामीण।