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शारदा और घाघरा नदी मचा रहीं तबाही
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घाघरा के निशाने पर गोड़ियन पुरवा तो शारदा ने जमदरी को बनाया निशाना
धौरहरा। तहसील क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियों की विनाशलीला लगातार जारी है। दोनों नदी भूकटान कर गांवों का वजूद मिटाने पर तुली हुई हैं। रमियाबेहड़ के मोटेबाबा, गोड़ियन पुरवा, बगहा, बिंजहा, बाछेपारा, ईसानगर के चंद्रासा कलां, लौकाही मल्लापुर, पोखरा में घाघरा नदी कटान कर रही है। वहीं शारदा नदी धौरहरा के रैनी में बने बांध को काटने पर आमादा है।
रैनी गांव को बचाने के लिए बाढ़ खंड द्वारा कराए काम को शारदा नदी की तेज धार ने करीब 70 मीटर तक काट दिया है। वहीं बाढ़ खंड कटान रोकने के लिए बचाव कार्य में जुटा हुआ है। ईसानगर क्षेत्र में शारदा नदी जमदरी गांव के नजदीक पहुंच गई है। जमदरी में फसलों समेत खेतों को काटकर नदी ने अब गांव की तरफ रुख किया है। इससे गांव वाले चिंतित हैं।
दोनों नदियां तहसील क्षेत्र के गांवों में किसानों की फसलों सहित भूमि का तेजी के साथ कटान कर रही है। वहीं बाढ़ खंड सिर्फ बालू भरी बोरी डालकर कटान को रोकने का प्रयास कर रहा है। तहसील धौरहरा के तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला का कहना है कि क्षेत्र में हो रहे कटान पर नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग बचाव कार्य में लगा है।
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खतरे के निशान से उतरी शारदा, घटने लगा पानी
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर अब काफी हद तक कम होने लगा है और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। इससे रास्तों पर भरा पानी भी धीरे-धीरे घटने लगा है। हालांकि इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अभी भी जलभराव है।
दो दिन पहले खतरे के निशान को पार करने वाली शारदा नदी का जलस्तर अब कम होने लगा है। नदी खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गई है। इससे रास्तों पर भरा पानी भी अब घटने लगा है। बोझवा की ठोकर नंबर जीरो और एक पर से भी पानी कम होने लगा है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी पानी घट गया है। हालांकि इस रास्ते पर करीब एक फुट तक पानी अभी भी है। पानी घटने के बाद अब संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं और कई गांवों में बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रामीण पीड़ित हैं। संवाद
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धौरहरा। तहसील क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियों की विनाशलीला लगातार जारी है। दोनों नदी भूकटान कर गांवों का वजूद मिटाने पर तुली हुई हैं। रमियाबेहड़ के मोटेबाबा, गोड़ियन पुरवा, बगहा, बिंजहा, बाछेपारा, ईसानगर के चंद्रासा कलां, लौकाही मल्लापुर, पोखरा में घाघरा नदी कटान कर रही है। वहीं शारदा नदी धौरहरा के रैनी में बने बांध को काटने पर आमादा है।
रैनी गांव को बचाने के लिए बाढ़ खंड द्वारा कराए काम को शारदा नदी की तेज धार ने करीब 70 मीटर तक काट दिया है। वहीं बाढ़ खंड कटान रोकने के लिए बचाव कार्य में जुटा हुआ है। ईसानगर क्षेत्र में शारदा नदी जमदरी गांव के नजदीक पहुंच गई है। जमदरी में फसलों समेत खेतों को काटकर नदी ने अब गांव की तरफ रुख किया है। इससे गांव वाले चिंतित हैं।
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दोनों नदियां तहसील क्षेत्र के गांवों में किसानों की फसलों सहित भूमि का तेजी के साथ कटान कर रही है। वहीं बाढ़ खंड सिर्फ बालू भरी बोरी डालकर कटान को रोकने का प्रयास कर रहा है। तहसील धौरहरा के तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला का कहना है कि क्षेत्र में हो रहे कटान पर नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग बचाव कार्य में लगा है।
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खतरे के निशान से उतरी शारदा, घटने लगा पानी
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर अब काफी हद तक कम होने लगा है और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। इससे रास्तों पर भरा पानी भी धीरे-धीरे घटने लगा है। हालांकि इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अभी भी जलभराव है।
दो दिन पहले खतरे के निशान को पार करने वाली शारदा नदी का जलस्तर अब कम होने लगा है। नदी खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गई है। इससे रास्तों पर भरा पानी भी अब घटने लगा है। बोझवा की ठोकर नंबर जीरो और एक पर से भी पानी कम होने लगा है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी पानी घट गया है। हालांकि इस रास्ते पर करीब एक फुट तक पानी अभी भी है। पानी घटने के बाद अब संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं और कई गांवों में बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रामीण पीड़ित हैं। संवाद