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शारदा ने सदर और ग्रंट 12 के गांवों में फिर मचाई तबाही

Wed, 14 Jul 2021 12:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 12:11 AM IST
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Sharda again wreaked havoc in the villages of Sadar and Grunt 12
महेवागंज। कुछ दिन शांत रहने के बाद शारदा नदी ने एक बार फिर तहसील सदर और निघासन से जुड़े ग्रंट 12 (मंझरी) के गांवों में तबाही मचानी शुरू कर दी है। नदी तेजी से कटान कर रही है, जिसके चलते दो घर नदी में समा चुके हैं और छह जल्द समाने वाले हैं।
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मंगलवार को ग्रंट 12 के अंतर्गत आने वाले अहिराना गांव के पश्चिम में बबलू और लालू समेत दो ग्रामीणों के घर नदी के आगोश में चले गए। वहीं अवधेश, मंगल, मोदी, झोंकु और रामप्रवेश के घर कटने की कगार पर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, सोमवार को राजस्व अधिकारियों ने मौका मुआयना किया था।
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लेखपाल संजय श्रीवास्तव ने बताया कि कटान पीड़ितों की सूची बनाकर उन्हें राहत किट देने के इंतजाम किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 15 दिन पहले कटान थमने के बाद भी सिंचाई विभाग ने भविष्य में कटान रोकने का कोई इंतजाम अब तक नहीं किया है। दो सप्ताह तक नदी शांत रहने के बाद रविवार से नदी ने फिर कटान शुरू कर दिया। गांव का वजूद मिटने की आशंका से ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है।
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कटान होने से डूबीं धान की फसलें
भीखमपुर। सीतापुर ब्रांच की नहर पटरी पर दो जगह कटान होने से मितौली के देवमनिया और इमलीखेड़ा गांव में धान समेत कई फसलें डूब गईं।
इमलीखेड़ा गांव के पास सीतापुर ब्रांच नहर की पूर्वी पटरी पर बृहस्पतिवार रात में कटान से किसानों के खेतों में धान, गन्ना, मक्का आदि की फसलों में पानी भर गया। किसान रसीद, बसीर, ओमप्रकाश, अनीफ, रफीक, अनीस, इसहाक का कहना है कि कुतुलुपुर, इमलीखेड़ा गांव के घरों में पानी भर गया है, जबकि दूसरा कटान देवमनिया गांव के साइफन के पास कई दिनों से चल रहा है, जिसमें देवमनिया, भीखमपुर, चांदामाऊ, ढंढ़ौरा, विशोखर, कठिघरा समेत दर्जनों गांव के खेतों में लगी धान की फसल सड़ने लगी है।

क्षेत्र के परेशान किसानों का कहना है बाद में बोया गया गन्ना कम दिनों का है जिसमें पानी भरने से नुकसान हो गया और वह भी गल जाएगा। ग्रामीणों और किसानों ने नहर विभाग से पटरी की कटिंग बंद कराने की मांग की है। संवाद
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