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प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से सचिव ने खाते से निकाले 4.17 लाख
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बीडीओ ने भेजी रिपोर्ट, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने डीपीआरओ से कार्रवाई करने को कहा
निघासन। ग्राम पंचायत सिंगाही देहात में प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर करके 4.17 लाख रुपये निकालने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में बीडीओ ने जांच आख्या डीपीआरओ को भेजी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गृह राज्यमंत्री ने डीपीआरओ से कार्रवाई के लिए कहा है।
सिंगाही देहात के सचिव विवेक सिन्हा पर प्रधान सुप्रिया गुप्ता ने 25 सितंबर 2021 से एक मई 2022 के बीच उनके फर्जी हस्ताक्षर से 4.17 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया है। आरोप है कि फर्जी बिल बनाकर विकास कार्य दिखाया गया था। जब प्रधान ने खाता चेक कराया तब इसका खुलासा हुआ।
बीडीओ राकेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई। उन्होंने मामले की रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी थी, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने सचिव को सस्पेंड करने और मामले की रिपोर्ट दर्ज करने को कहा है, जबकि सचिव ने आरोपों को निराधार बताया है।
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प्रधान की शिकायत सही पाई गई थी। मामले की जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को भेज दी गई थी। कार्रवाई डीपीआरओ के स्तर से होना है। यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
- राकेश कुमार, बीडीओ, निघासन
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निघासन। ग्राम पंचायत सिंगाही देहात में प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर करके 4.17 लाख रुपये निकालने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में बीडीओ ने जांच आख्या डीपीआरओ को भेजी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गृह राज्यमंत्री ने डीपीआरओ से कार्रवाई के लिए कहा है।
सिंगाही देहात के सचिव विवेक सिन्हा पर प्रधान सुप्रिया गुप्ता ने 25 सितंबर 2021 से एक मई 2022 के बीच उनके फर्जी हस्ताक्षर से 4.17 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया है। आरोप है कि फर्जी बिल बनाकर विकास कार्य दिखाया गया था। जब प्रधान ने खाता चेक कराया तब इसका खुलासा हुआ।
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बीडीओ राकेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई। उन्होंने मामले की रिपोर्ट डीपीआरओ को भेजी थी, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने सचिव को सस्पेंड करने और मामले की रिपोर्ट दर्ज करने को कहा है, जबकि सचिव ने आरोपों को निराधार बताया है।
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प्रधान की शिकायत सही पाई गई थी। मामले की जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को भेज दी गई थी। कार्रवाई डीपीआरओ के स्तर से होना है। यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
- राकेश कुमार, बीडीओ, निघासन