Sawan Shivratri 2023: भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ शनिदेव को अर्पित करें सरसों का तेल; यह है शुभ मुहूर्त
इस बार प्रदोष व्रत के साथ सावन शिवरात्रि का शुभ संयोग है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक के साथ शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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सावन में शनिवार को प्रदोष व्रत पर शिवरात्रि का शुभ योग बन रहा है। इस योग में भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करना मंगलकारी सिद्ध होगा। गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि सावन के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस बार त्रयोदशी तिथि 15 जुलाई को है। इस बार प्रदोष व्रत पर बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि प्रदोष व्रत के साथ साथ सावन शिवरात्रि का योग है। साथ ही इस दिन शनिवार होने के कारण इसे शनि प्रदोष व्रत भी कहा जा सकता है। शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ शनिदेव की उपासना का भी विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक के साथ शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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यह है शुभ मुहूर्त
उन्होंने बताया कि शनि प्रदोष की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 30 मिनट से रात 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। सावन त्रयोदशी पर गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिव मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ ब्रह्म मुहूर्त 4:00 बजे खोल दिए जाएंगे। शिवरात्रि पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी।
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छोटी काशी में शिवभक्तों के आने का सिलसिला शुक्रवार शाम से शुरू हो गया। भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए कांवड़िये हरिद्वार, फर्रुखाबाद सहित गंगा घाटों से सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं।