{"_id":"5f0219788ebc3e42ee105230","slug":"sawan-lakhimpur-news-bly411732451","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravan Somwar 2020: सावन का पहला सोमवार आज, बंद रहेंगे पौराणिक शिव मंदिर के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravan Somwar 2020: सावन का पहला सोमवार आज, बंद रहेंगे पौराणिक शिव मंदिर के कपाट
विज्ञापन
सावन सोमवार 2020
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी-गोला गोकर्णनाथ। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक एवं पूजन के लिए सावन का पवित्र पावन माह विशेष माना जाता है। मान्यता है कि श्रावण मास में जो कोई भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना पूजन जलाभिषेक करता है उसे मृत्युंजय जैसे अभीष्ट वरदान भगवान भोलेनाथ प्रदान करते हैं। इस वर्ष वैश्विक महामारी के चलते सावन मेले को ग्रहण लग गया है। सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है लेकिन भीड़ उमड़ने से प्रशासन ने पौराणिक शिव मंदिर सहित जिले के प्रमुख शिवालयों के कपाट बंद रखने के निर्देश दिए हैं। सावन माह की शुरुआत पहले सोमवार से हो रही है लेकिन शिव भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
सावन के सामान्य दिनों में भी पांच को ही दिया जाएगा मंदिर गर्भ ग्रह में प्रवेश
पौराणिक शिव मंदिर के प्रमुख मार्ग मिल डायवर्जन रोड, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क, मूनलाइट स्टूडियो, स्टेशन रोड, आशीष लाज, रेलवे स्टेशन के सामने बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। वही शिव मंदिर के प्रमुख मार्ग पर गोकर्णतीर्थ के निकट लोहे का द्वार बना दिया गया है। अंदर कुछ कदम चलते ही फिर एक गेट है उसके आगे जहां शिव भक्त कतार में खड़े होते हैं और मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं वहां पर एक बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। सावन माह के सामान्य दिनों में भी गर्भगृह में पांच ही भक्तों को प्रवेश की अनुमति होगी।
मूर्ति एवं घंटों के स्पर्श पर प्रतिबंध
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण शिव मंदिर परिसर में मूर्तियों एवं घंटों के स्पर्श पर रोक लगा दी गई है। इस बार सावन में भी घंटा निनाद सुनाई नहीं देगा।
आरती और श्रृंगार पूजा लिए ही खुलेगा मंदिर
मंदिर परिसर में सोमवार को अधिक भीड़ रहने के कारण कपाट बंद कर दिए गए हैं। मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में सुबह पांच बजे आरती पूजन के साथ मंदिर के कपाट बंद होंगे। दोपहर में सफाई के लिए और रात नौ बजे श्रृंगार पूजा के
विज्ञापन
विज्ञापन
सावन के सामान्य दिनों में भी पांच को ही दिया जाएगा मंदिर गर्भ ग्रह में प्रवेश
पौराणिक शिव मंदिर के प्रमुख मार्ग मिल डायवर्जन रोड, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क, मूनलाइट स्टूडियो, स्टेशन रोड, आशीष लाज, रेलवे स्टेशन के सामने बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। वही शिव मंदिर के प्रमुख मार्ग पर गोकर्णतीर्थ के निकट लोहे का द्वार बना दिया गया है। अंदर कुछ कदम चलते ही फिर एक गेट है उसके आगे जहां शिव भक्त कतार में खड़े होते हैं और मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं वहां पर एक बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। सावन माह के सामान्य दिनों में भी गर्भगृह में पांच ही भक्तों को प्रवेश की अनुमति होगी।
विज्ञापन
मूर्ति एवं घंटों के स्पर्श पर प्रतिबंध
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण शिव मंदिर परिसर में मूर्तियों एवं घंटों के स्पर्श पर रोक लगा दी गई है। इस बार सावन में भी घंटा निनाद सुनाई नहीं देगा।
आरती और श्रृंगार पूजा लिए ही खुलेगा मंदिर
मंदिर परिसर में सोमवार को अधिक भीड़ रहने के कारण कपाट बंद कर दिए गए हैं। मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में सुबह पांच बजे आरती पूजन के साथ मंदिर के कपाट बंद होंगे। दोपहर में सफाई के लिए और रात नौ बजे श्रृंगार पूजा के
विज्ञापन