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Lakhimpur Kheri News: ऐसा अद्भुत नजारा जीवन में पहली बार देखा
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महंत गोकुलदास जी का माल्यार्पण कर स्वागत करते श्री राम भक्त-संवाद
लखीमपुर खीरी। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गए पांचों संत खीरी लौट आए हैं। कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं कि वह अपनी भाव की अनुभूति बयां कर सकें। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसा अद्भुत नजारा उन्होंने जीवन में पहली बार देखा। उन्होंने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को न्योता देने के लिए आभार प्रकट किया।
लखीमपुर शहर स्थित मुड़िया महंत मंदिर के महंत संतोष दास व अंतर्वेद आश्रम के महंत गोकुल दास मंगलवार को अयोध्या से वापस लौट आए, जबकि महंत कृष्णदास अभी रास्ते में हैं। बुधवार को उनके खीरी लौटने की संभावना है। अयोध्या धाम से वापस लौटे मुड़िया महंत के संतोष दास ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा का माहौल बेहद भव्य रहा। हमारी आंखों ने ऐसा दृश्य पूरे जीवन में पहली बार देखा। कहा कि अंदर मोबाइल प्रतिबंधित था, इसलिए वह कोई फोटो नहीं खींच सके।
बताया कि 500 वर्षों की हर सनातनी की तपस्या रंग लाई। कहा कि सुबह कार्यक्रम से पहले करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। राजगोपाल मंदिर से रामजन्मभूमि सुग्रीव किला तक पैदल गए थे। बाकी कोई अन्य समस्या नहीं हुई। उधर, विहिप के जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख धारा सिंह सिसोदिया ने बताया कि जिले से पांच संतों कबीरधाम स्थित असंगदेव आश्रम के संत असंगदेव महाराज, देवकली तीर्थ स्थित तपसी आश्रम के श्रीकृष्ण दास महाराज, धौरहरा स्थित अंतर्वेद आश्रम के प्रमुख गोकुलदास महाराज और निघासन में सरयू किनारे स्थित आश्रम के संत लालदास महाराज को निमंत्रण पत्र दिया गया था। बताया कि सभी पांचों लोग अयोध्या धाम गए थे। आज सभी संत वापस लौट सकते हैं।
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अयोध्या धाम से लौटने पर हुआ भव्य स्वागत
धौरहरा। अयोध्या धाम में 22 जनवरी को श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गए अंतर्वेद आश्रम के महंत गोकुलदास उर्फ राजू बाबा का मंगलवार को वापस आश्रम लौटने पर रामभक्तों ने जोरदार स्वागत किया।
विधायक विनोद शंकर अवस्थी, नरेंद्र वर्मा और महेश गंभीर समेत दर्जनों लोगों ने बहराइच बॉर्डर के जालिम नगर पुल पर अगुवाई कर लीलानाथ शिव मंदिर कफारा में माल्यार्पण कर स्वागत किया। इससे पहले ढखेरवा पहुंचने पर व्यापारियों समेत कई लोगों ने पुष्पवर्षा की। उधर, महंत गोकुलदास ने बताया कि उनके पास शब्द नहीं हैं कि वह किस मुख से अयोध्या की अनुपम छटा का बखान करें। कहा कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उनको आमंत्रित कर अनुपम अनुभव का मौका दिया। निश्चित ही यह भगवान श्री राम की कृपा है। संवाद
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लखीमपुर शहर स्थित मुड़िया महंत मंदिर के महंत संतोष दास व अंतर्वेद आश्रम के महंत गोकुल दास मंगलवार को अयोध्या से वापस लौट आए, जबकि महंत कृष्णदास अभी रास्ते में हैं। बुधवार को उनके खीरी लौटने की संभावना है। अयोध्या धाम से वापस लौटे मुड़िया महंत के संतोष दास ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा का माहौल बेहद भव्य रहा। हमारी आंखों ने ऐसा दृश्य पूरे जीवन में पहली बार देखा। कहा कि अंदर मोबाइल प्रतिबंधित था, इसलिए वह कोई फोटो नहीं खींच सके।
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बताया कि 500 वर्षों की हर सनातनी की तपस्या रंग लाई। कहा कि सुबह कार्यक्रम से पहले करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। राजगोपाल मंदिर से रामजन्मभूमि सुग्रीव किला तक पैदल गए थे। बाकी कोई अन्य समस्या नहीं हुई। उधर, विहिप के जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख धारा सिंह सिसोदिया ने बताया कि जिले से पांच संतों कबीरधाम स्थित असंगदेव आश्रम के संत असंगदेव महाराज, देवकली तीर्थ स्थित तपसी आश्रम के श्रीकृष्ण दास महाराज, धौरहरा स्थित अंतर्वेद आश्रम के प्रमुख गोकुलदास महाराज और निघासन में सरयू किनारे स्थित आश्रम के संत लालदास महाराज को निमंत्रण पत्र दिया गया था। बताया कि सभी पांचों लोग अयोध्या धाम गए थे। आज सभी संत वापस लौट सकते हैं।
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अयोध्या धाम से लौटने पर हुआ भव्य स्वागत
धौरहरा। अयोध्या धाम में 22 जनवरी को श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गए अंतर्वेद आश्रम के महंत गोकुलदास उर्फ राजू बाबा का मंगलवार को वापस आश्रम लौटने पर रामभक्तों ने जोरदार स्वागत किया।
विधायक विनोद शंकर अवस्थी, नरेंद्र वर्मा और महेश गंभीर समेत दर्जनों लोगों ने बहराइच बॉर्डर के जालिम नगर पुल पर अगुवाई कर लीलानाथ शिव मंदिर कफारा में माल्यार्पण कर स्वागत किया। इससे पहले ढखेरवा पहुंचने पर व्यापारियों समेत कई लोगों ने पुष्पवर्षा की। उधर, महंत गोकुलदास ने बताया कि उनके पास शब्द नहीं हैं कि वह किस मुख से अयोध्या की अनुपम छटा का बखान करें। कहा कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उनको आमंत्रित कर अनुपम अनुभव का मौका दिया। निश्चित ही यह भगवान श्री राम की कृपा है। संवाद

महंत गोकुलदास जी का माल्यार्पण कर स्वागत करते श्री राम भक्त-संवाद