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Lakhimpur Kheri News: हार्ट अटैक के गंभीर मरीज की बचाई जान
Wed, 02 Jul 2025 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:09 AM IST
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पलिया सीएचसी में हार्ट अटैक के मरीज को दवा देने के बाद परीक्षण करते चिकित्सक। स्रोत : स्वास्थ्य
पलियाकलां। सरकारी अस्पतालों में अक्सर गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। कई बार इलाज में देरी से मरीज की जान पर बन आती है। मंगलवार को सीएचसी में गंभीर मरीज पहुंचा। उसे हार्ट अटैक पड़ा था। इस दौरान 26 हजार रुपये में मिलने वाला इंजेक्शन निशुल्क लगाकर उसकी जान बचाई गई।
पलिया सीएचसी अधीक्षक डाॅ. भरत सिंह ने बताया कि सीएमओ डाॅ. संतोष गुप्ता के निर्देशन पर एसटीईएमआई कार्यक्रम के तहत केयर नेटवर्क स्थापित किया गया है। इसके तहत एक मरीज पीलीभीत जिला के हजारा भरतपुर निवासी नुरूल इस्लाम इमरजेंसी में सीएचसी पहुंचे। यहां डाॅ. अजीत सिंह ने उनका परीक्षण किया और ईसीजी आदि कराया। इसमें उनको हार्ट अटैक के लक्षण दिखे।
एसटीईएमआई कार्यक्रम के तहत सीएचसी में दिए गए टेनेक्टेप्लस इंजेक्शन को उक्त मरीज के लगाया गया और कुछ ही देर में उसको फायदा भी दिखा, जिससे उसकी जान बच सकी।
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डाॅ. अजीत सिंह ने बताया कि उक्त इंजेक्शन अटैक पड़ने के चार घंटे के भीतर देना जरूरी है। ऐसा इसीलिए है कि यह इंजेक्शन खून को काटते हुए पतला करने का काम करता है।
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पलिया सीएचसी अधीक्षक डाॅ. भरत सिंह ने बताया कि सीएमओ डाॅ. संतोष गुप्ता के निर्देशन पर एसटीईएमआई कार्यक्रम के तहत केयर नेटवर्क स्थापित किया गया है। इसके तहत एक मरीज पीलीभीत जिला के हजारा भरतपुर निवासी नुरूल इस्लाम इमरजेंसी में सीएचसी पहुंचे। यहां डाॅ. अजीत सिंह ने उनका परीक्षण किया और ईसीजी आदि कराया। इसमें उनको हार्ट अटैक के लक्षण दिखे।
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एसटीईएमआई कार्यक्रम के तहत सीएचसी में दिए गए टेनेक्टेप्लस इंजेक्शन को उक्त मरीज के लगाया गया और कुछ ही देर में उसको फायदा भी दिखा, जिससे उसकी जान बच सकी।
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डाॅ. अजीत सिंह ने बताया कि उक्त इंजेक्शन अटैक पड़ने के चार घंटे के भीतर देना जरूरी है। ऐसा इसीलिए है कि यह इंजेक्शन खून को काटते हुए पतला करने का काम करता है।