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सफाईकर्मी निलंबित, बांकेगंज ब्लॉक से संबद्ध
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लखीमपुर खीरी। पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में हुए गोलमाल और नियमविरुद्ध तरीके से गांव में तैनात सफाईकर्मी/प्रधानपति सोहन लाल को डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बुधवार को निलंबित कर दिया। इससे पहले मंगलवार को गोलमाल के आरोप में पंचायत सचिव को निलंबित किया गया था। डीपीआरओ ने सफाईकर्मी को बांकेगंज ब्लॉक से संबद्ध किया है और मामले की जांच भी बांकेगंज के एडीओ पंचायत को सौंपी है। सफाईकर्मी के खिलाफ पांच आरोपों में सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन करते हुए प्रधान प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने भी आरोप शामिल है।
परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने 28 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में विकास कार्यों जायजा लिया था, जिसमें हैंडपंप रिबोर/मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और शौचालय निर्माण समेत अन्य कार्यों में घोटाले का मामला सामने आया था। प्रधान के पति (जो उसी गांव में सफाईकर्मी) के खिलाफ भी कार्रवाई और दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरण करने की संस्तुति करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीपीआरओ के पास भेजी थी। सात दिनों तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए मंगलवार को सीडीओ अरविंद सिंह ने डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तब जाकर डीपीआरओ ने मंगलवार की शाम को आदेश जारी कर सचिव को निलंबित किया था, लेकिन सफाईकर्मी/प्रधानपति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी।
इस मामले को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ‘सचिव को किया निलंबित, सफाईकर्मी पर मेहरबानी’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए डीपीआरओ ने सफाईकर्मी के खिलाफ पांच आरोप पदीय दायित्वों का निर्वहन न करना, नियुक्ति क्षेत्र में साफ-सफाई न करना, संचारी रोग अभियान के तहत साफ-सफाई न करने, प्रधान प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप लगाए हैं।
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सफाईकर्मी सोहन लाल को निलंबित करते हुए बांकेगंज ब्लॉक से संबद्ध कर दिया है। बांकेगंज के एडीओ पंचायत को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच पूरी कर 15 दिन के अंदर आरोप पत्र गठित कर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अजय श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने 28 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में विकास कार्यों जायजा लिया था, जिसमें हैंडपंप रिबोर/मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और शौचालय निर्माण समेत अन्य कार्यों में घोटाले का मामला सामने आया था। प्रधान के पति (जो उसी गांव में सफाईकर्मी) के खिलाफ भी कार्रवाई और दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरण करने की संस्तुति करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीपीआरओ के पास भेजी थी। सात दिनों तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए मंगलवार को सीडीओ अरविंद सिंह ने डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तब जाकर डीपीआरओ ने मंगलवार की शाम को आदेश जारी कर सचिव को निलंबित किया था, लेकिन सफाईकर्मी/प्रधानपति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी।
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इस मामले को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ‘सचिव को किया निलंबित, सफाईकर्मी पर मेहरबानी’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए डीपीआरओ ने सफाईकर्मी के खिलाफ पांच आरोप पदीय दायित्वों का निर्वहन न करना, नियुक्ति क्षेत्र में साफ-सफाई न करना, संचारी रोग अभियान के तहत साफ-सफाई न करने, प्रधान प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप लगाए हैं।
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सफाईकर्मी सोहन लाल को निलंबित करते हुए बांकेगंज ब्लॉक से संबद्ध कर दिया है। बांकेगंज के एडीओ पंचायत को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच पूरी कर 15 दिन के अंदर आरोप पत्र गठित कर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अजय श्रीवास्तव, डीपीआरओ