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लड्डू, मावा और बर्फी के नमूने जांच में फेल
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 21 Dec 2014 11:12 PM IST
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दूध और इससे बने सह उत्पादों में मिलावट को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इसके बावजूद खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर के तीन नामी प्रतिष्ठानों से लिए गए बेसन लड्डू, मावा और बर्फी के नमूने लैब में जांच के दौरान अधोमानक पाए गए हैं। संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों ने कोर्ट के समक्ष अपराध स्वीकार कर भविष्य में गड़बड़ी न दोहराने का आश्वासन दिया हैै। इस पर कोर्ट ने तीनों पर जुर्माना डाला है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मेला मैदान में धर्मकांटा के पास स्थित सुदामा स्वीट्स के यहां से बेसन के लड्डू का नमूना लिया था जो जांच में अधोमानक पाया गया है। एफएसडीए ने संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कोर्ट के समक्ष वाद दायर किया था। प्रतिष्ठान के मालिक ने अपनी गलती को स्वीकार कर न्यूनतम जुर्माने की अपील की। इस पर कोर्ट ने 13 हजार रुपये का जुर्माना डाला। खीरी रोड पर स्थित दयाल डेयरी के यहां से मावा का नमूना लिया गया था, जो जांच में फेल हो गया, क्योंकि इसमें फैट की मात्रा कम थी। इस प्रतिष्ठान के मालिक ने भी गलती स्वीकार करते हुए कम से कम अर्थदंड की अपील की, जिस पर कोर्ट ने 15 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए। हीरालाल धर्मशाला चौराहा स्थित ओम स्वीट्स से बर्फी का नमूना लिया गया था जो जांच में मानकों की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। लिहाजा इस प्रतिष्ठान के विरुद्ध भी कोर्ट ने 17 हजार का अर्थदंड लगाया हैै। अभिहित अधिकारी विनय कुमार सहाय ने बताया कि तीनों प्रतिष्ठानों के मालिकों ने कोर्ट के समक्ष अपनी गलती स्वीकार कर भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न होने का आश्वासन दिया है। यदि इसके बाद भी खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी पाई जाती है तो कोर्ट द्वारा सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मेला मैदान में धर्मकांटा के पास स्थित सुदामा स्वीट्स के यहां से बेसन के लड्डू का नमूना लिया था जो जांच में अधोमानक पाया गया है। एफएसडीए ने संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कोर्ट के समक्ष वाद दायर किया था। प्रतिष्ठान के मालिक ने अपनी गलती को स्वीकार कर न्यूनतम जुर्माने की अपील की। इस पर कोर्ट ने 13 हजार रुपये का जुर्माना डाला। खीरी रोड पर स्थित दयाल डेयरी के यहां से मावा का नमूना लिया गया था, जो जांच में फेल हो गया, क्योंकि इसमें फैट की मात्रा कम थी। इस प्रतिष्ठान के मालिक ने भी गलती स्वीकार करते हुए कम से कम अर्थदंड की अपील की, जिस पर कोर्ट ने 15 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए। हीरालाल धर्मशाला चौराहा स्थित ओम स्वीट्स से बर्फी का नमूना लिया गया था जो जांच में मानकों की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। लिहाजा इस प्रतिष्ठान के विरुद्ध भी कोर्ट ने 17 हजार का अर्थदंड लगाया हैै। अभिहित अधिकारी विनय कुमार सहाय ने बताया कि तीनों प्रतिष्ठानों के मालिकों ने कोर्ट के समक्ष अपनी गलती स्वीकार कर भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न होने का आश्वासन दिया है। यदि इसके बाद भी खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी पाई जाती है तो कोर्ट द्वारा सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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