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Lakhimpur Kheri News: सरकारी सिस्टम की मनमानी का शिकार हुई सई नदी
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गंदगी से पटी सेठघाट स्थित उल्ल नदी। संवाद
पसगवां। आदि गंगा गोमती की सबसे बड़ी सहायक मानी जाने वाली सई नदी एनएचएआई के अफसरों की मनमानी का शिकार होकर अपने उद्गम स्थल पर ही दम तोड़ती दिख रही है। सई नदी का उद्गम स्थल पसगवां ब्लॉक के ग्राम पनई और अल्लीपुर के पास बड़े झाबर में है।
करीब 713 किमी लंबी सई नदी के उद्गम स्थल का कुछ हिस्सा लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन की भेंट चढ़ गया है। बताया जा रहा है कि एनएच 24 के जंगबहादुरगंज बाईपास निर्माण में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एक पुलिया बनाने से बचने के लिए इसकी धारा को मोड़कर एक साइड कर दिया। इस वजह से झाबर और भैसटा (झाबर) के बीच हाईवे हो गया। झाबर की सैकड़ों एकड़ जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया। मत्स्य पालकों ने भी इस झाबर का स्वरूप बिगाड़ने का काम किया।
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करीब 713 किमी लंबी सई नदी के उद्गम स्थल का कुछ हिस्सा लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन की भेंट चढ़ गया है। बताया जा रहा है कि एनएच 24 के जंगबहादुरगंज बाईपास निर्माण में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एक पुलिया बनाने से बचने के लिए इसकी धारा को मोड़कर एक साइड कर दिया। इस वजह से झाबर और भैसटा (झाबर) के बीच हाईवे हो गया। झाबर की सैकड़ों एकड़ जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया। मत्स्य पालकों ने भी इस झाबर का स्वरूप बिगाड़ने का काम किया।
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गंदगी से पटी सेठघाट स्थित उल्ल नदी। संवाद

गंदगी से पटी सेठघाट स्थित उल्ल नदी। संवाद
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