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Lakhimpur Kheri News: सिसैया खुर्द मामले में पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की वकीलों ने की मांग
Tue, 22 Sep 2026 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:06 AM IST
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सिसैया खुर्द मामले में पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी मामले में डीएम को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता महा
लखीमपुर खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द कांड में पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को डीएम को ज्ञापन दिया। महासंघ ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की। बार कौंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि गिरफ्तारी नहीं हुई तो महासंघ बड़ा आंदोलन करेगा।
अजय शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों के निलंबन से प्रथमदृष्टया उनकी संलिप्तता सामने आती है। इसके बावजूद उन्हें केवल लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने पद का दुरुपयोग कर ग्रामीणों के घरों में घुसकर महिलाओं और बच्चों से मारपीट की। इसे गंभीर अपराध बताते हुए उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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अधिवक्ता महासंघ के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने कहा कि निर्दोष नागरिकों के दमन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पुलिसकर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी न होने पर महासंघ व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय महासचिव नरेंद्र वर्मा, जिला महासचिव अफसर अली, राजकुमार गुप्त, मोहम्मद आफताब, संजय मिश्र, मीरा देवी, आचार्य देवर्षि शुक्ल, मनोज प्रजापति, अशोक कुमार वर्मा, जगदीश सिंह, डॉ. रामजी शर्मा, विभोर अवस्थी, अशरफ अली, मनीष तिवारी, मोहम्मद हारून और देवी शुक्ल समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे।
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अजय शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों के निलंबन से प्रथमदृष्टया उनकी संलिप्तता सामने आती है। इसके बावजूद उन्हें केवल लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने पद का दुरुपयोग कर ग्रामीणों के घरों में घुसकर महिलाओं और बच्चों से मारपीट की। इसे गंभीर अपराध बताते हुए उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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अधिवक्ता महासंघ के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने कहा कि निर्दोष नागरिकों के दमन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पुलिसकर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी न होने पर महासंघ व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय महासचिव नरेंद्र वर्मा, जिला महासचिव अफसर अली, राजकुमार गुप्त, मोहम्मद आफताब, संजय मिश्र, मीरा देवी, आचार्य देवर्षि शुक्ल, मनोज प्रजापति, अशोक कुमार वर्मा, जगदीश सिंह, डॉ. रामजी शर्मा, विभोर अवस्थी, अशरफ अली, मनीष तिवारी, मोहम्मद हारून और देवी शुक्ल समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे।