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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में बाघ और हाथी संरक्षण के लिए 13.37 करोड़ की मंजूरी
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नेपाल के हाथियों को आकर्षित करता हँ दुधवा का प्राकृवास।
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व और तराई हाथी रिजर्व में बाघ और हाथियों के संरक्षण के लिए भारत सरकार ने 13.37 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है। उधर, दुधवा के बढ़े किराये को घटाए जाने की सहमति भी बनी है।
एफडी ललित वर्मा ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व/तराई हाथी रिजर्व में बाघों और हाथियों के बेहतर रख-रखाव,संरक्षण, उनके प्राकृतवास की देखभाल और भोजन-पानी की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए भारत सरकार ने 13.37 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर लिया है। यह धनराशि दैनिक वेतन भोगी वाचरों की मजदूरी, वन विश्राम ग्रहों की मरम्मत, रख-रखाव, वाच टॉवर का निर्माण, रास्तों की मरम्मत, ग्रासलैंड और वेटलैंड का प्रबंधन करने के अलावा हाथियों के प्रबंधन उनके द्वारा किए गए नुकसान का मुआवजा देने पर खर्च की जाएगी। इसमें 13 करोड़ रुपये टाइगर रिजर्व के लिए और 37 लाख रुपये हाथी रिजर्व के लिए है।
एफडी ने बताया कि इस धनराशि से बाघ और हाथियों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन बैठक में 2 करोड़ का परिव्यय स्वीकृत
दुधवा टाइगर फाउंडेशन की गवर्निंग काउंसिल की बैठक लखनऊ में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई। इसमें फाउंडेशन का 2.02 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया गया। इस धनराशि से इको-टूरज्मि का विकास, इको विकास समितियों का गठन और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध का प्रयास करने के साथ-साथ दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रचार-प्रसार,मानव-बाघ संघर्ष को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। पिछले साल डीटीआर का बजट 1.62 करोड़ रुपये का था, जो इस साल बढ़कर 2.02 करोड़ रुपये हो गया है। बैठक में कार्बन क्रेडिट समेत विभिन्न स्रोतों से आय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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एफडी ललित वर्मा ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व/तराई हाथी रिजर्व में बाघों और हाथियों के बेहतर रख-रखाव,संरक्षण, उनके प्राकृतवास की देखभाल और भोजन-पानी की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए भारत सरकार ने 13.37 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर लिया है। यह धनराशि दैनिक वेतन भोगी वाचरों की मजदूरी, वन विश्राम ग्रहों की मरम्मत, रख-रखाव, वाच टॉवर का निर्माण, रास्तों की मरम्मत, ग्रासलैंड और वेटलैंड का प्रबंधन करने के अलावा हाथियों के प्रबंधन उनके द्वारा किए गए नुकसान का मुआवजा देने पर खर्च की जाएगी। इसमें 13 करोड़ रुपये टाइगर रिजर्व के लिए और 37 लाख रुपये हाथी रिजर्व के लिए है।
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एफडी ने बताया कि इस धनराशि से बाघ और हाथियों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन बैठक में 2 करोड़ का परिव्यय स्वीकृत
दुधवा टाइगर फाउंडेशन की गवर्निंग काउंसिल की बैठक लखनऊ में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई। इसमें फाउंडेशन का 2.02 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया गया। इस धनराशि से इको-टूरज्मि का विकास, इको विकास समितियों का गठन और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध का प्रयास करने के साथ-साथ दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रचार-प्रसार,मानव-बाघ संघर्ष को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। पिछले साल डीटीआर का बजट 1.62 करोड़ रुपये का था, जो इस साल बढ़कर 2.02 करोड़ रुपये हो गया है। बैठक में कार्बन क्रेडिट समेत विभिन्न स्रोतों से आय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

नेपाल के हाथियों को आकर्षित करता हँ दुधवा का प्राकृवास।
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