Lakhimpur Kheri: दुधवा में खुशियां... 'नारायणी' ने दिया शावक को जन्म, अब गैंडों की संख्या हुई 46
गैंडा पुनर्वास परियोजना फेज वन में विचरण करने वाली मादा गैंडा नारायणी ने एक दिन पूर्व शावक को जन्म दिया है। दुधवा नेशनल पार्क में अब कुल 46 गैंडे हो गए हैं।
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लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क में चल रही गैंडा पुनर्वासन परियोजना फेज-1 से पार्क प्रशासन को खुशखबरी मिली हैं। यहां नारायणी नाम की मादा गैंडा ने शावक को जन्म दिया है। अब फिर से फेज-1 व फेज-2 में कुल मिलाकर 46 गैंडे हो गए हैं।
दुधवा नेशनल पार्क में गैंडा पुनर्वासन परियोजना फेज-1 व फेज-2 चलती हैं। बीते दिनों हुई गणना के मुताबिक कुल 46 गैंडे थे लेकिन दो दिन पहले नेपालियन गैंडे द्वारा एक शावक को मौत के घाट उतारने के बाद संख्या घटकर 45 रह गई थी।
गैंडा पुनर्वास परियोजना फेज वन में विचरण करने वाली मादा गैंडा नारायणी ने एक दिन पूर्व शावक को जन्म दिया है। जिसकी जानकारी गश्त करने वाले वन कर्मचारियों ने अधिकारियों को दी। जिसके बाद अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। बता दें कि अब फेज-1 में जहां गैंडे 40 से बढ़कर 41 हो गए हैं, वहीं फेज-2 में इनकी संख्या पांच है।
निगरानी के लिए टीमें बढ़ाईं
दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रंगाराजू टी. ने बताया कि फेज-1 में नारायणी नामक मादा गैंडा ने एक-दो दिन पहले एक शावक को जन्म दिया है। जो देखने में स्वस्थ लग रहा है। अभी जन्म के कुछ ही दिन हुए हैं, ऐसे में यह नवजात नर है या फिर मादा, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। निगरानी करने वाली टीमों को बढ़ा दिया गया है। साथ ही नारायणी के साथ ही उसके शावक की देखभाल टीमों द्वारा करने के लिए कहा गया है। जन्म हाल में ही हुआ है, इसीलिए दूर से ही वनकर्मी उसकी निगरानी करने में लगे हुए हैं।