{"_id":"629f980bf5c74559454f7a4b","slug":"revealed-delivery-of-a-woman-twice-in-a-day-lakhimpur-news-bly487458155","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलासा : एक दिन में एक महिला की दो बार की गई डिलीवरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा : एक दिन में एक महिला की दो बार की गई डिलीवरी
विज्ञापन
102 एंबुलेंस से अस्पताल लाई गईं गर्भवतियों का सत्यापन करते स्वास्थ्य कर्मी।
पति का नाम और आधार संख्या एक होने पर पकड़ा गया मामला
सीएमओ कार्यालय में हो रहा 102 एंबुलेंस के डाटा का सत्यापन
लखीमपुर खीरी। सीएमओ कार्यालय सभागार में 102 एंबुलेंस के डाटा सत्यापन में एक महिला को एक ही दिन में दो बार प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जाने, गर्भवती का प्रसव घर पर होने के बावजूद उसे एंबुलेंस से सीएचसी पर लेकर जाने सहित कई अन्य मामले पकड़ में आए हैं।
जिले में पिछले तीन माह में 102 एंबुलेंस से प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने और फिर डिलीवरी बाद उन्हें पुन: घर छोड़े जाने के मामलों की शासन के निर्देश पर जांच हो रही है। जांच के पहले ही दिन तमाम अनियमितताएं मिली थी। वहीं दूसरे दिन सीएचसी निघासन, नकहा, पसगवां, फरधान, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ की जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। जांच के दौरान नकहा सीएचसी के तहत एक महिला को एक ही दिन में दो बार प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जाने का मामला पकड़ में आया है। वहीं एक मामले में फोन करने के काफी देर बार एंबुलेंस गर्भवती के घर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही उसकी डिलीवरी हो गई थी। फिर भी एंबुलेंस स्टाफ ने उसे अस्पताल ले जाना दर्शा दिया। वहीं एक मामले में एंबुलेंस घर पहुंची भी नहीं, लेकिन उसे भी रजिस्टर पर अंकित कर अस्पताल ले जाना दिखा दिया गया। 102 एंबुलेंस से लाई गई गर्भवती महिलाओं का सत्यापन कर रही टीम की माने तो करीब 50 फीसदी मामले गलत मिल रहे हैं। शासन स्तर से डाटा सत्यापन कराए जाने से एंबुलेंस अधिकारियों की नींदें उड़ गई हैं।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय में हो रहा 102 एंबुलेंस के डाटा का सत्यापन
लखीमपुर खीरी। सीएमओ कार्यालय सभागार में 102 एंबुलेंस के डाटा सत्यापन में एक महिला को एक ही दिन में दो बार प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जाने, गर्भवती का प्रसव घर पर होने के बावजूद उसे एंबुलेंस से सीएचसी पर लेकर जाने सहित कई अन्य मामले पकड़ में आए हैं।
जिले में पिछले तीन माह में 102 एंबुलेंस से प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने और फिर डिलीवरी बाद उन्हें पुन: घर छोड़े जाने के मामलों की शासन के निर्देश पर जांच हो रही है। जांच के पहले ही दिन तमाम अनियमितताएं मिली थी। वहीं दूसरे दिन सीएचसी निघासन, नकहा, पसगवां, फरधान, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ की जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। जांच के दौरान नकहा सीएचसी के तहत एक महिला को एक ही दिन में दो बार प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जाने का मामला पकड़ में आया है। वहीं एक मामले में फोन करने के काफी देर बार एंबुलेंस गर्भवती के घर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही उसकी डिलीवरी हो गई थी। फिर भी एंबुलेंस स्टाफ ने उसे अस्पताल ले जाना दर्शा दिया। वहीं एक मामले में एंबुलेंस घर पहुंची भी नहीं, लेकिन उसे भी रजिस्टर पर अंकित कर अस्पताल ले जाना दिखा दिया गया। 102 एंबुलेंस से लाई गई गर्भवती महिलाओं का सत्यापन कर रही टीम की माने तो करीब 50 फीसदी मामले गलत मिल रहे हैं। शासन स्तर से डाटा सत्यापन कराए जाने से एंबुलेंस अधिकारियों की नींदें उड़ गई हैं।
विज्ञापन