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प्रधानाध्यापक और एक शिक्षिका की सेवा समाप्त
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:08 AM IST
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मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को तीन माह में विभाग में मिलाने का आश्वासन दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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लंबे समय से चल रहे थे अनुपस्थित
जांच आख्या के बाद बीएसए ने की कार्रवाई
विद्यालय में बिना किसी सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित रहने, विभागीय आदेशों की अवहेलना करने और छात्र हित बाधित करने के लिए दो शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच आख्या मिलने के बाद बीएसए डा. ओपी राय ने विकास क्षेत्र पलिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय सैनापुर की एक सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. ओपी गुप्ता ने बताया कि विकास खंड पलिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय सूड़ा के प्रधानाध्यापक प्यारेलाल फरवरी 2013 से लगातार बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थे। खंड शिक्षा अधिकारी पलिया की जांच आख्या के बाद प्रधानाध्यापक प्यारेलाल को सूचित किया गया कि वे 22 मार्च 2016 को 11.00 बजे कार्यालय में आकर अपना पक्ष साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करें। अन्यथा एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त कर दी जाएगी लेकिन प्यारेलाल न तो स्वयं उपस्थित हुए और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। बीएसए ने इस कृत्य को उनकी हठधर्मिता और अनुशासनहीनता माना। बीएसए ने छात्र हित बाधित रखने और विभाग की छवि धूमिल करने के दोषी पाए जाने पर प्यारेलाल की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
इसके अलावा बीईओ ईसानगर रमेश पंकज की जांच आख्या में विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय सैनपुर की सहायक अध्यापक रीना सिंह अप्रैल 2009 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थीं। बीईओ की अख्या का संज्ञान लेतेे हुए बीएसए ने 03 मार्च 2014 को रीना सिंह को अंतिम अवसर देते हुए तीन दिन के अंदर कार्यालय में उपस्थित होकर साक्ष्य सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा। इसके अनुपालन में रीना सिंह ने 5 मई 2014 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जिसमें बताया कि वे नियमित रूप से विद्यालय जाती रहीं हैं। बीएसए ने बताया कि बीईओ ईसानगर की जांच आख्या से स्पष्ट है कि उन्होंने उपस्थित पंजिका में कूटरचित हस्ताक्षर किए हैं। बीएसए ने बताया कि रीना सिंह का यह कृत्य हठधर्मिता और अनुशासन हीनता का द्योतक है। जांच आख्या में यह बात स्पष्ट हो गई कि अनियिमित कार्य प्रणाली से छात्रों के साथ विभाग की भी अपूर्णनीय क्षति हुई है जो अपराध है। बीएसए ने इसे अध्यापक नियमावली के विपरीत पाते हुए सहायक अध्यापक रीना सिंह की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
जांच आख्या के बाद बीएसए ने की कार्रवाई
विद्यालय में बिना किसी सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित रहने, विभागीय आदेशों की अवहेलना करने और छात्र हित बाधित करने के लिए दो शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच आख्या मिलने के बाद बीएसए डा. ओपी राय ने विकास क्षेत्र पलिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय सैनापुर की एक सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. ओपी गुप्ता ने बताया कि विकास खंड पलिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय सूड़ा के प्रधानाध्यापक प्यारेलाल फरवरी 2013 से लगातार बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थे। खंड शिक्षा अधिकारी पलिया की जांच आख्या के बाद प्रधानाध्यापक प्यारेलाल को सूचित किया गया कि वे 22 मार्च 2016 को 11.00 बजे कार्यालय में आकर अपना पक्ष साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करें। अन्यथा एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त कर दी जाएगी लेकिन प्यारेलाल न तो स्वयं उपस्थित हुए और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। बीएसए ने इस कृत्य को उनकी हठधर्मिता और अनुशासनहीनता माना। बीएसए ने छात्र हित बाधित रखने और विभाग की छवि धूमिल करने के दोषी पाए जाने पर प्यारेलाल की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
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इसके अलावा बीईओ ईसानगर रमेश पंकज की जांच आख्या में विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय सैनपुर की सहायक अध्यापक रीना सिंह अप्रैल 2009 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थीं। बीईओ की अख्या का संज्ञान लेतेे हुए बीएसए ने 03 मार्च 2014 को रीना सिंह को अंतिम अवसर देते हुए तीन दिन के अंदर कार्यालय में उपस्थित होकर साक्ष्य सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा। इसके अनुपालन में रीना सिंह ने 5 मई 2014 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जिसमें बताया कि वे नियमित रूप से विद्यालय जाती रहीं हैं। बीएसए ने बताया कि बीईओ ईसानगर की जांच आख्या से स्पष्ट है कि उन्होंने उपस्थित पंजिका में कूटरचित हस्ताक्षर किए हैं। बीएसए ने बताया कि रीना सिंह का यह कृत्य हठधर्मिता और अनुशासन हीनता का द्योतक है। जांच आख्या में यह बात स्पष्ट हो गई कि अनियिमित कार्य प्रणाली से छात्रों के साथ विभाग की भी अपूर्णनीय क्षति हुई है जो अपराध है। बीएसए ने इसे अध्यापक नियमावली के विपरीत पाते हुए सहायक अध्यापक रीना सिंह की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
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