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अब शिकायत पर नहीं होगी एकपक्षीय कार्रवाई
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 14 Jul 2015 05:28 PM IST
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अब केवल शिकायत के आधार पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उचित दर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकेगी। उपभोक्ताओं के बयान के साथ-साथ सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी। कोटेदार को भी अपना पूरा पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। शिकायत की पुष्टि उपभोक्ता के राशनकार्ड और वितरण रजिस्टर में इंट्री का मिलान करके की जाएगी। इसमें अनियमितता मिलने के बाद ही कार्रवाई संभव होगी।
प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद बीएम मीना ने इस आशय के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर उपभोक्ता के बयान के साथ ही कोटेदार का स्पष्टीकरण लेना जरूरी होगा। संबंधित शिकायतकर्ताओं के राशन कार्ड पर कोटेदार द्वारा की गई वितरण की इंट्री और वितरण रजिस्टर पर प्रविष्टियों का मिलान किया जाएगा। यदि राशनकार्ड और वितरण रजिस्टर पर समान इंट्री है तो माना जाएगा कि उपभोक्ता की शिकायत बोगस है। इसके उलट यदि वितरण रजिस्टर पर राशन या केरोसिन का वितरण दर्शाया गया है और राशनकार्ड पर उसकी इंट्री नहीं है तो भी कोटेदार का पक्ष जानने के बाद पूरे मामले का परीक्षण करने के बाद ही कार्रवाई होगी।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि उच्च न्यायालय में दायर याचिका ललिता देवी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतने को कहा गया है।
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प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद बीएम मीना ने इस आशय के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर उपभोक्ता के बयान के साथ ही कोटेदार का स्पष्टीकरण लेना जरूरी होगा। संबंधित शिकायतकर्ताओं के राशन कार्ड पर कोटेदार द्वारा की गई वितरण की इंट्री और वितरण रजिस्टर पर प्रविष्टियों का मिलान किया जाएगा। यदि राशनकार्ड और वितरण रजिस्टर पर समान इंट्री है तो माना जाएगा कि उपभोक्ता की शिकायत बोगस है। इसके उलट यदि वितरण रजिस्टर पर राशन या केरोसिन का वितरण दर्शाया गया है और राशनकार्ड पर उसकी इंट्री नहीं है तो भी कोटेदार का पक्ष जानने के बाद पूरे मामले का परीक्षण करने के बाद ही कार्रवाई होगी।
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जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि उच्च न्यायालय में दायर याचिका ललिता देवी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतने को कहा गया है।
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